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भीम बहादुर चौधरी

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Sunday, June 7, 2020

6वीं द्वैमासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य‚ 2019-20

वर्तमान परिपे्रक्ष्य
  • 6 फरवरी‚ 2020 को भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली ‘मौद्रिक नीति समिति’ (MPC) ने ‘6वीं द्वैमासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य‚ 2019-20’ (Sixth Bi-Monthly Monetary Policy Statement, 2019-20) जारी किया।
  • मौद्रिक नीति समिति (MPC) का उद्देश्य‚ भारतीय अर्थव्यवस्था में सकारात्मक वृद्धि और मुद्रास्फीति की दर को उचित बनाए रखना है।
  • समिति द्वारा जारी इस मौद्रिक नीति वक्तव्य में ‘चलनिधि समायोजन सुविधा’ (LAF) के तहत नीतिगत दरों में कोई परिवर्तन नहीं करने का निर्णय लिया गया है।
  • यह दूसरा अवसर है जब रेपो रेट में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
  • आरबीआई द्वारा यह फैसला मुद्रास्फीति के लक्ष्य को ध्यान में रखकर लिया गया है।
महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय
  • आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने मौजूदा वृहद आर्थिक हालातों को देखते हुए रेपो दर को 5.15 प्रतिशत पर ही स्थिर रखने को कहा है।
  • नतीजतन‚ ‘रिवर्स रेपो दर’ (Re-Repo Rate) भी अपने पूर्व के स्तर (4.90%) पर समायोजित हो गई।
  • इसके अलावा‚ सीमांत स्थायी सुविधा (MSF : Marginal Standing Facility) तथा बैंक दर भी 5.40 प्रतिशत पर अपरिवर्तित बनी हुई है।
  • आरबीआई ने हितधारकों को आश्वासन दिया है कि भविष्य हेतु उनके लिए नीति स्थान उपलब्ध रहेगा।
  • उपर्युक्त निर्णय‚ उपभोक्ता समर्थन सूचकांक (CPI) के लिए मध्यम अवधि के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से है‚ जो विकास का समर्थन करते हुए +/–2 प्रतिशत के एक बैंड के भीतर 4 प्रतिशत है।
  • मौद्रिक नीति समिति द्वारा यह निर्णय‚ भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि को पुनर्जीवित करने और लक्ष्य के भीतर मुद्रास्फीति की दर को बनाए रखने के लिए लिया गया है।

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