पृष्ठभूमि
स्वच्छ सर्वेक्षण लीग (SSL), 2020
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के शहरी क्षेत्रों को खुले में शौच से मुक्त (Open Defection Free-ODF) बनाने तथा देश के 4,041 वैधानिक नगरों (Statutory Towns) में शहरी ठोस अपशिष्ट (Municipal Solid Waste-MSW) के वैज्ञानिक प्रबंधन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 2 अक्टूबर‚ 2014 को स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U) प्रारंभ किया गया था।
- इसी क्रम में आगे बढ़ते हुए आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) ने शहरी स्वच्छता में सुधार के लिए शहरों को प्रोत्साहित करने एवं उनमें आपस में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने‚ सेवा स्तर पर शहरी स्वच्छता के मामलों में निरंतर निगरानी के साथ जमीनी स्तर पर उनके प्रदर्शन को बनाए रखने के उद्देश्य से जनवरी‚ 2016 से स्वच्छ सर्वेक्षण (SS) की शुरुआत वार्षिक आधार पर प्रारंभ की थी।
- SS के अंतर्गत शहरों को रेटिंग के आधार पर रैंकिंग प्रदान की जाती है।
- SS, 2016 में 73 शहरों की रेटिंग की गई थी। इसके बाद SS, 2017 आयोजित किया गया‚ जिसमें 434 शहरों को रैंकिंग दी गई। वर्ष 2018 में आयोजित SS, 2018 का दायरा काफी विस्तृत रहा जिसे 66 दिनों में 4,203 शहरों में आयोजित किया गया था‚ जो दुनिया का सबसे बड़ा पैन इंडिया स्वच्छता सर्वेक्षण बन गया‚ जिसने करीब 40 करोड़ लोगों को प्रभावित किया।
- SS, 2019 चौथा पैन इंडिया वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण था‚ जिसे 4,237 शहरों में 28 दिनों में आयोजित किया गया। SS, 2019 एक पेपरलेस और पूर्णत: डिजिटल सर्वेक्षण था।
- आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा 31 दिसंबर‚ 2019 को पहली बार भारतीय शहरों एवं कस्बों की स्वच्छता की सतत निगरानी व आकलन के लिए त्रैमासिक आधार पर एक नई रैंकिंग प्रणाली ‘स्वच्छ सर्वेक्षण लीग’ की पहली एवं दूसरी तिमाही के परिणामों की घोषणा की गई।
- गौरतलब है कि आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा 6 जून‚ 2019 को ‘स्वच्छ सर्वेक्षण लीग‚ 2020’ (SSL, 2020) का शुभारंभ किया गया था।
- SSL, 2020 के परिणामों को 4 जनवरी‚ 2020 से शुरू होने वाले 5वें अखिल भारतीय शहरी वार्षिक स्वच्छ सर्वेक्षण‚ 2020 (SS, 2020) के साथ एकीकृत किया जाएगा।
- SSL, 2020 का उद्देश्य शहरों के स्वच्छता सेवा स्तर के प्रदर्शन की निरंतर निगरानी के साथ ही इनके जमीनी प्रदर्शन (Ground Performance) को बनाए रखना है।
- SSL, 2020 मुख्य रूप से निम्नलिखित तीन मापदंडों पर केंद्रित है-
- अपशिष्ट जल उपचार से संबंधित मापदंड
- अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग से संबंधित मापदंड
- शौच से संबंधित कचड़े (Fecal sludge) के प्रबंधन से संबंधित मापदंड
- प्रत्येक वर्ष‚ स्वच्छ सर्वेक्षण (SS) को नवीन रूप दिया जाता है‚ ताकि बदलते व्यवहार के साथ प्रक्रिया के भी बदलाव को सुनिश्चित किया जा सके।
- चूंकि यह देखा गया है कि शहरों ने स्वच्छ सर्वेक्षण से ठीक पहले स्वयं की स्वच्छता को सुनिश्चित किया किंतु उसके बाद उनके स्वच्छता स्तर में गिरावट आती गई।
- अत: MoHUA ने अनवरत सर्वेक्षण (Continuous Survekshan) – SSL, 2020 – शुरू किया है। इसके अंतर्गत स्वच्छता मूल्यांकन पूरे वर्ष किया जाएगा तथा जनवरी‚ 2020 में शुरू होने वाले अखिल भारतीय SS में शामिल होगा।
स्वच्छ सर्वेक्षण लीग (SSL), 2020
- SSL, 2020 का आयोजन 3 तिमाहियों – अप्रैल से जून‚ जुलाई से सितंबर और अक्टूबर से दिसंबर 2019 में किया गया और इसमें प्रत्येक तिमाही के लिए 2000 अंकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया है।
- यह मूल्यांकन SBM-V की ऑनलाइन MIS (Management Information Systems) के मासिक नवीनतम जानकारी तथा 12 सेवा स्तर प्रगति सूचकों (Service Level Progress Indicators) के नागरिक सत्यापन (Citizen’s Validation) के आधार पर किया जाना तय हुआ है।
- उपर्युक्त दोनों मापदंड (Parameters) संयुक्त रूप से शहरों की त्रैमासिक रैंकिंग निर्धारित करेंगे।
- पहली श्रेणी 1 लाख और उससे ऊपर की आबादी वाले शहरों की होगी। इसकी दो उपश्रेणियों भी होंगी-
- 1 लाख से 10 लाख तथा दूसरा
- 10 लाख या उससे ऊपर
- दूसरी श्रेणी 1 लाख से कम आबादी वाले शहरों की होगी।
- रैंकिंग मंडलीय एवं जनसंख्यावार (Zone and Population Wise) होगी।
- SSL, 2020 में शहरों का प्रदर्शन‚ स्वच्छ सर्वेक्षण‚ 2020 में उनकी रैंकिंग के निर्धारण में बेहद महत्वपूर्ण होगा क्योंकि-
- इस त्रैमासिक प्रदर्शन को 4 जनवरी से शुरू होने वाले पांचवें वार्षिक ‘स्वच्छ सर्वेक्षण‚ 2020’ में 25 प्रतिशत का भारांक (Weightage) प्रदान किया जाएगा।
- SSL, 2020 का आदर्श वाक्य ‘एक कदम स्वच्छता की ओर’ रखा गया है।
- SSL, 2020 में सेवा स्तर प्रगति (Service Level Progress-SLP) का भारांक निम्नलिखित प्रकार से निर्धारित किया गया है-


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