पृष्ठभूमि
- आमतौर पर देखा जाए तो पुर्तगाल और भारत के संबंध 500 वर्ष से अधिक पुराने हैं। जब एक पुर्तगाली खोजकर्ता वास्कोडिगामा के नेतृत्व में एक दल मई‚ 1498 में मालाबार तट पर कालीकट पहुंचा था।
- भारत और पुर्तगाल के मध्य राजनयिक संबंध भारत की स्वतंत्रता के बाद वर्ष 1947 में स्थापित किए गए।
- वर्ष 1974 में पुर्तगाल द्वारा गोवा‚ दमन व दीव‚ दादरा व नगर हवेली से संबद्ध मामलों पर भारत की संप्रभुता को मान्यता देने के लिए एक संधि पर हस्ताक्षर किया गया।
- 31 दिसंबर‚ 1974 को नई दिल्ली में इस संधि पर हस्ताक्षर के बाद‚ राजनयिक संबंधों को पुन: स्थापित किया गया और मैत्रीपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों का युग शुरू हुआ।
- नवंबर‚ 2015 में पुर्तगाल के प्रधानमंत्री के रूप में एंटोनियो कोस्टा के पदभार ग्रहण करने से द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती मिली है‚ कोस्टा भारतीय मूल के हैं‚ इनके पिता का संबंध गोवा से है।
- हालांकि पुर्तगाली राष्ट्रपति मार्सेलो रेबेलो डी सोसा के भारत दौरे से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जून‚ 2017 में पुर्तगाल का दौरा किया था।
- 13 से 16 फरवरी‚ 2020 तक पुर्तगाल के राष्ट्रपति ‘मार्सेलो रेबेलो डी सोसा’ भारत दौरे पर रहे।
- यह उनकी पहली भारत यात्रा थी।
- इससे पूर्व पुर्तगाल के राष्ट्रपति अनिबल कैवाको सिल्वा ने वर्ष 2007 में भारत का दौरा किया था।
- पुर्तगाल के राष्ट्रपति के भारत दौरे से दोनों देशों के संबंध प्रगाढ़ हुए हैं।
- भारत और पुर्तगाल के मध्य ‘समुद्री विरासत’‚ ‘समुद्री परिवहन एवं बंदरगाह विकास’‚ ‘प्रवास एवं गतिशीलता’‚ ‘स्टार्टअप’‚ ‘बौद्धिक संपदा अधिकार’‚ ‘एयरो स्पेस’‚ ‘नैनो-जैव प्रौद्योगिकी’‚ ‘ऑडियो-विडियो विजुअल उत्पादन’‚ ‘योग’‚ ‘राजनयिक प्रशिक्षण’‚ ‘वैज्ञानिक अनुसंधान’ एवं ‘सार्वजनिक नीति’ के क्षेत्र में कुल 14 समझौतों एवं सहमति-पत्रों के ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
- गुजरात के लोथल में एक ‘राष्ट्रीय समुद्री संग्रहालय विरासत परिसर’ (National Maritime Museum Heritage Complex) की स्थापना भी इन समझौतों में शामिल है।
- गौरतलब है कि पुर्तगाल के राष्ट्रपति मार्सेलो रेबेलो डी सोसा ने ‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद’ में भारत के स्थायी बनाए जाने के लिए समर्थन किया।
- द्विपक्षीय व्यापार एवं आर्थिक संबंधों की समीक्षा के लिए ‘भारत-पुर्तगाल संयुक्त आर्थिक समिति’ का अगला सत्र भारत में ही आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
- पुर्तगाल के राष्ट्रपति ने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के आयोजन को अपना समर्थन भी दिया।
- मार्सेलो रेबेलो डी सोसा अपनी भारत यात्रा के दौरान गोवा के चर्चों में भी गए‚ जिसमें ‘बेसिलिका ऑफ बोम जीसस’ (Basilica of Bom Jesus) भी शामिल है‚ जहां ‘सेंट फ्रांसिस जेवियर’ (Saint Francis Xavier) के अवशेष संरक्षित हैं।
- इन्होंने गोवा के प्रसिद्ध संस्थान ‘मेटर देई सांता मोनिका’ (Institute Mater Dei Santa Monica) एवं क्रिश्चियन आर्ट म्यूजियम (Museum of Christian Art) का भी दौरा किया।
- ‘बेसिलिका ऑफ बोम जीसस’ को यूनेस्को (UNESCO) द्वारा विश्व धरोहर स्मारकों की सूची में भी शामिल किया गया है।
- ज्ञात हो कि सांता मोनिका चर्च (Santa Monica Church) 450 वर्ष से अधिक पुराना है‚ यह गोवा के प्राचीन चर्चों में से एक है।
- केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और पुर्तगाली गणराज्य के राष्ट्रपति मार्सेलो रेबेलो डी सोसा ने संयुक्त रूप से नई दिल्ली स्थित संग्रहालय में ‘चा-चाई’ कला का उद्घाटन किया।
- चा-चाई पुर्तगालियों की पारिवारिक परंपरा से प्रेरित है‚ जिसे शाम पांच बजे की चाय कहा जाता है।
- पुर्तगालियों की पारिवारिक संस्कृति के अनुसार‚ यह कार्य उनके पारिवारिक संबंध बनाता है।
- चा-चाई कला कार्य भारत और पुर्तगाल के लोगों के मध्य संबंधों को दर्शाता है।
- पुर्तगाल निकट भविष्य में अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (International Solar Alliance) में शामिल हो सकता है।
- भारत ‘पुर्तगाली भाषी देशों का समुदाय’ (Community of Portuguese Language Countries) के सहयोगी एवं पर्यवेक्षक देश के रूप में भूमिका निभाएगा।
- ‘पुर्तगाली भाषी देशों का समुदाय’ एक बहुपक्षीय मंच है‚ जिसका उद्देश्य अपने सदस्य देशों के मध्य पारस्परिक मित्रता और सहयोग को गहरा करना है।


No comments:
Post a Comment
कुछ जानकारी के लिए कॉमेंट करें और अपनी कुछ सुझाव दे धन्यवाद !!