BB Chaudhary

विविध परीक्षाओं से सम्बंधित पूछे जाने वाले प्रश्नों के समाधान

भीम बहादुर चौधरी

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Tuesday, November 8, 2022

November 08, 2022

प्रोविज़नल स्टेट ऑफ ग्लोबल क्लाइमेट रिपोर्ट, 2022

प्रोविज़नल स्टेट ऑफ ग्लोबल क्लाइमेट रिपोर्ट, 2022


प्रिलिम्स के लिये:

प्रोविज़नल स्टेट ऑफ ग्लोबल क्लाइमेट रिपोर्ट, विश्व मौसम विज्ञान संगठन, ग्रीनहाउस गैसें

मेन्स के लिये:

बढ़ती आपदा से संबंधित मुद्दे और इस संबंध में कदम उठाने की ज़रूरत।

चर्चा में क्यों?

हाल ही में विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने प्रोविज़नल स्टेट ऑफ द ग्लोबल क्लाइमेट रिपोर्ट, 2022 जारी की।

  • पूर्ण और अंतिम रिपोर्ट अप्रैल 2023 में प्रकाशित होने की उम्मीद है।

WMO स्टेट ऑफ द ग्लोबल क्लाइमेट रिपोर्ट:

  • यह रिपोर्ट वार्षिक आधार पर तैयार की जाती है, जो छठी IPCC आकलन रिपोर्ट द्वारा प्रदान किये गए हाल के मूल्यांकन चक्र का पूरक है।
  • रिपोर्ट प्रमुख जलवायु संकेतकों और चरम घटनाओं एवं उनके प्रभावों पर रिपोर्टिंग का उपयोग करके जलवायु की वर्तमान स्थिति पर एक आधिकारिक सहयोग प्रदान करती है।

प्रमुख बिंदु

  • ग्रीनहाउस गैसों की सांद्रता में वृद्धि:
    • तीन मुख्य ग्रीनहाउस गैसों- कार्बन डाइऑक्साइड (CO2), मीथेन (CH4) और नाइट्रस ऑक्साइड (NO2) की सांद्रता वर्ष 2021 में रिकॉर्ड स्तर पर थी।
    • मीथेन, जो कि ग्लोबल वार्मिंग की स्थिति उत्पन्न करने में कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में 25 गुना अधिक शक्तिशाली है, के उत्सर्जन में सबसे तेज़ गति से वृद्धि हुई है।
      • ग्लासगो में जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में देशों ने वर्ष 2030 तक वैश्विक मीथेन उत्सर्जन में कम-से-कम 30% की कटौती करने का संकल्प लिया था।
  • तापमान:
    • वर्ष 2022 में वैश्विक औसत तापमान वर्ष 1850-1900 औसत से लगभग 1.15 डिग्री सेल्सियस अधिक होने का अनुमान है।
    • वर्ष 2015 से 2022 तक आठ सबसे गर्म वर्ष रहने का अनुमान है।
    • ला नीना (भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह के जल का ठंडा होना) की स्थिति वर्ष 2020 के अंत से प्रभावी है और वर्ष 2022 के अंत तक जारी रहने की उम्मीद है।
      • ला नीना ने पिछले दो वर्षों से निरंतर वैश्विक तापमान को अपेक्षाकृत कम किया है, फिर भी वर्ष 2011 में पिछले महत्त्वपूर्ण ला नीना की तुलना में यह अधिक है।
  • ग्लेशियर और बर्फ:
    • वर्ष 2022 में यूरोपीय आल्प्स में ग्लेशियर पिघलने का रिकॉर्ड टूट गया। पूरे आल्प्स में 3 और 4 मीटर से अधिक की औसत मोटाई के ग्लेशियर के नुकसान के साथ वर्ष 2003 के पिछले रिकॉर्ड की तुलना में यह काफी अधिक मापा गया है।
    • प्रारंभिक माप के अनुसार, स्विट्ज़रलैंड में वर्ष 2021 और 2022 के बीच ग्लेशियर की बर्फ 6% पिघल गई।
    • इतिहास में पहली बार उच्चतम माप स्थलों पर भी गर्मी के मौसम में बर्फ नहीं गिरी और इस प्रकार नवीन बर्फ का संचय नहीं हुआ।
  • समुद्र स्तर में वृद्धि:
    • उपग्रह altimeter रिकॉर्ड के 30 वर्षों (1993-2022) के दौरान वैश्विक औसत समुद्र स्तर में अनुमानित 3.4 ± 0.3 मिमी प्रतिवर्ष की वृद्धि हुई है।
    • वर्ष 1993-2002 और 2013-2022 के बीच यह दर दोगुनी हो गई है तथा जनवरी 2021 एवं अगस्त 2022 के बीच समुद्र के स्तर में लगभग 5 मिमी. की वृद्धि हुई है।
  • महासागरीय ऊष्मा:
    • मानव द्वारा ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन के परिणामस्वरूप संचित ऊष्मा का लगभग 90% समुद्र में जमा हो जाता है।
    • ऐसा पाया गया कि वर्ष 2021 में समुद्र के ऊपरी सतह से लेकर 2000 मीटर तक अभूतपूर्व स्तर तक गर्म हुआ।
    • कुल मिलाकर, समुद्री सतह के 55% हिस्से ने वर्ष 2022 में कम -से-कम एक समुद्री हीटवेव का अनुभव किया
    • जबकि समुद्र की सतह के केवल 22% हिस्से में ही समुद्री ठंड का अनुभव हुआ। शीत लहरों की तुलना में समुद्री हीटवेव लगातार अधिक होती जा रही है।
  • खराब मौसम:
    • विगत 40 वर्षों की तुलना में पूर्वी अफ्रीका में लगातार चार वर्षों से बारिश औसत से कम रही है जो इस बात का संकेत हो सकती है कि वर्तमान मौसम भी शुष्क हो सकता है।
    • जुलाई और अगस्त, 2022 में रिकॉर्ड तोड़ बारिश के कारण पाकिस्तान में बाढ़ की स्थिति बन गई ।
      • भारत और पाकिस्तान दोनों देशों में मार्च और अप्रैल में हीटवेव के बाद बाढ़ आई थी।
    • उत्तरी गोलार्द्ध के बड़े हिस्से असाधारण रूप से गर्म और शुष्क रहे थे।
      • राष्ट्रीय रिकॉर्ड दर्ज किये जाने के बाद से चीन में सबसे व्यापक और दीर्घकालिक हीटवेव को दर्ज किया गया और रिकॉर्ड के अनुसार यहाँ दूसरी सबसे शुष्क गर्मी थी।
    • यूरोप के बड़े हिस्से को बार-बार भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
      • यूनाइटेड किंगडम ने 19 जुलाई, 2022 को रिकॉर्ड गर्मी का अनुभव किया जब वहाँ का तापमान पहली बार 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुँच गया।

जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिये उठाए गए कदम:

  • राष्ट्रीय:
    • NAPCCC:
      • जलवायु परिवर्तन से उभरते खतरों का सामना करने के लिये भारत ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिये राष्ट्रीय कार्ययोजना (NAPCC) जारी की। इसमें राष्ट्रीय सौर मिशन, राष्ट्रीय जल मिशन आदि सहित 8 उप मिशन हैं।
    • इंडिया कूलिंग एक्शन प्लान: यह शीतलक मांग में कमी लाने सहित शीतलक और संबंधित क्षेत्रों के लिये एक एकीकृत दृष्टिकोण प्रदान करता है। इससे उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलेगी जिससे ग्लोबल वार्मिंग से निपटने में मदद मिलेगी।
  • वैश्विक:
    • पेरिस समझौता:
      • इसका उद्देश्य वैश्विक तापमान वृद्धि को पूर्व-औद्योगिक स्तरों से 2 डिग्री सेल्सियस से कम रखना है, जबकि इसे 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लिये आवश्यक कदम उठाना है।
    • संयुक्त राष्ट्र सतत् विकास लक्ष्य:
      • सतत् विकास को प्राप्त करने के लिये इसके अंतर्गत 17 व्यापक लक्ष्य शामिल हैं। इनमें से लक्ष्य संख्या 13 , विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन के समाधान पर केंद्रित है।
    • ग्लासगो संधि:
      • इसे अंततः COP26 वार्ता के दौरान वर्ष 2021 में 197 सदस्यों द्वारा अपनाया गया था।
      • इसमें इस बात पर ज़ोर दिया गया कि 1.5 डिग्री के लक्ष्य को हासिल करने के लिये मौजूदा दशक में इस दिशा में मज़बूत निर्णायक कार्रवाई करना आवश्यक है।

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO):

  • विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) 192 देशों की सदस्यता वाला एक अंतर-सरकारी संगठन है।
    • भारत विश्व मौसम विज्ञान संगठन का सदस्य देश है।
  • इसकी उत्पत्ति अंतर्राष्ट्रीय मौसम विज्ञान संगठन (IMO) से हुई है, जिसे वर्ष 1873 के वियना अंतर्राष्ट्रीय मौसम विज्ञान कॉन्ग्रेस के बाद स्थापित किया गया था।
  • 23 मार्च, 1950 को WMO कन्वेंशन के अनुसमर्थन द्वारा स्थापित WMO, मौसम विज्ञान (मौसम और जलवायु), जल विज्ञान तथा इससे संबंधित भू-भौतिकीय विज्ञान हेतु संयुक्त राष्ट्र की विशेष एजेंसी बन गई है।
  • WMO का मुख्यालय जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड में है।

आगे की राह

  • ऐसी महत्त्वपूर्ण नीतियों और उपायों से संबंधित प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है जो संसाधनों के उत्पादन और उपभोग के तरीके को तीव्रता से बदल सकते हैं।
  • लोगों के साथ साझेदारियों वाले दृष्टिकोण को प्रमुखता देना चाहिये जिससे न केवल नौकरियाँ सृजित होने के साथ संसाधनों तक सुलभ पहुँच होगी बल्कि स्वच्छ और हरित वातावरण का भी विकास होगा।

Friday, August 5, 2022

August 05, 2022

महान_सिकंदर (Alexander the Great)

#महान_सिकंदर (Alexander the Great)

* सिकंदर मकदूनिया (मेसेडोनिया) का ग्रीक शासक था
* सिकंदर को विश्व विजेता कहा जाता है क्योंकि उसने अपनी मृत्‍यु तक हर उस जमीन को जीत चुका था जिसकी जानकारी प्राचीन ग्रीक के लोगों को थी
* कहा जाता है कि अपने 12 साल के शासन मे Alexander ने कभी कोई युद्ध नहीं हारा था लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें सिकंदर राजा पूरू जा पोरस से हार गए थे
* Alexander को 16 साल की उम्र तक महान दार्शनिक अरस्तु द्वारा पढ़ाया गया था
* Alexander की ताजपोशी उनके पिता Philip II की मौत के बाद की गई थी तब उनकी उम्र सिर्फ 20 साल थी
* Alexander को The great शब्द की उपाधी एक military commander के तौर पर अद्वितीय योगदान के कारण मिली थी
* कई इतिहासकार मानते है कि वह सिकंदर का गुरू अरस्तू ही था जिसने सिकंदर के मन में पूरी दुनिया जीतने का सपना जगाया
* Alexander the great, Nepoleon, Mussolini, Hitler इन सभी को ailurophobia था जो एक बिल्ली से लगने वाला डर हैं
* Alexander ने तीन बार शादी की थी पहली Roxana से, जो एक Love marriege थी और दूसरी और तीसरी stareira II और partsatis II, जो presian princesses थी ये शादी political reasons से की थी
* Alexander ने एक बार अपने सैनिकों के बीच शराब पीने की प्रतियोगिता करवाई थी जब तक यह खत्म हुई तब तक 42 लोग Alcohol की वजह से मारे जा चुके थे
* सिकंदर की सेना ने व्‍यास नदी को पार करने से इनकार कर दिया था
* Alexander the great, bisexual था लेकिन उस समय मे यह शब्द इतना विवादास्पद नही था
* Alexander को heterochromia iridum नाम की बिमारी थी, जिसकी वजह से उनकी एक आंख नीले रंग की व एक आंख भूरे रंग की थी
* फारसी समुदाय को हराने के बाद Alexander ने दो फारसी पत्नियां रख ली और फारसी समुदाय की तरह कपड़े पहनना शुरू कर दिया
* क्यूबा के राष्ट्रपति Fidel castro के तीनो लड़को के नाम Alexander के नाम पर रखे गए थे, वो नाम: Alexis, Alejandro and Alexander
* Alexander अपनी जिंदगी से खुश नहीं था क्योकि उसे कई लोगो द्वारा एक क्रुर तानाशाह की तरह देखा गया था
* Alexander, Macedonia का राजा, Egypt का राजा, Asia का राजा व Persia का राजा था
* Alexander ने 70 शहरों को खोजा था, जिनमें से 20 शहरो का नाम खुद के नाम पर व 1 शहर का नाम अपने घोड़े के नाम पर
* Alexander अपने बालों को चमकीले व साफ रखने के लिए Saffron (केसर) से धोता था
* Alexander की मौत Babylon (ईरान) में हुई थी तब उनकी उम्र 32 साल थी और उसने 12 साल राज किया था
* Alexander the great की body को सोने के ताबूत मे रखा गया था
* 1998 के new england journal of madicine attributed के अनुसार Alexander की मौत बुखार व लखवा की वजह से हुई थी
* Alexander की मौत का असली कारण अभी तक पता नहीं चला हैं जो इतिहास की दुनिया का बहुत बड़ा रहस्य हैं. लेकिन कहा जाता है कि सिकंदर की मौत का कारण पोरस की सेना के जहर बुझे तीर थे
August 05, 2022

मंगल_पांडे (क्रांतिकारी)

#मंगल_पांडे (क्रांतिकारी)

* मंगल पांडे प्रथम भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रथम क्रांतिकारी थे
* भारत की आजादी की पहली लड़ाई अर्थात 1857 के संग्राम की शुरुआत इन्हीं के विद्रोह से शुरू हुआ था
* मंगल पांडे का जन्म 19 जुलाई 1827 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के नगवा गांव में हुआ था
* मंगल पांडे का जन्म तारीख व स्थान पर अभी भी विवाद है
* मंगल पांडे के पिता का नाम दिवाकर पांडे और माता का अभय रानी देवी था
* मंगल पांडे एक बहन और तीन भाई थे
* मंगल पांडे जीवन भर अविवाहित थे
* मंगल पांडे कट्टर पंडित थे
* एक बार मंगल किसी काम से अकबरपुर आए थे उसी समय ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना बनारस से लखनऊ जा रही थी मंगल सेना का मार्च देखने के लिए कौतुहलवश सड़क के किनारे आकर खड़े हो गये
* एक सैनिक अधिकारी ने मंगल पांडे को तगड़े और स्वस्थ देखकर सेना में भर्ती हो जाने का आग्रह किया, गरीब ब्राह्मण परिवार में जन्म लेने के कारण उन्हें रोजी-रोटी की मजबूरी ने अंग्रेजों की फौज में नौकरी करने पर मजबूर कर दिया
* 10 मई सन 1846 को मंगल पांडे ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में भर्ती हुए
* मंगल पांडे कोलकाता के पास बैरकपुर सैनिक छावनी में 34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री की पैदल सेना के 1446 नंबर के सैनिक थे
* मंगल को वेतन के रूप में ₹7 प्रति महीना मिलता था
* 30 जनवरी 1857 को एक जमादार ने इन्हें यह बताया कि अंग्रेज जो कारतूस देते हैं वह गौ मांस का बना होता है
* गौ मांस के नाम पर मंगल पांडे आग बबूला हो गए और अपने साथी सैनिकों को भी बताएं तो वह भी क्रोधित हो गए
* 29 मार्च 1857 की सुबह बैरकपुर छावनी के परेड मैदान में मंगल पांडे ने अंग्रेजो के खिलाफ बिगुल फूंका था
* जनरल ह्राूसन ने एक जमादार को मंगल को गिरफ्तार करने का आदेश दिया पर वह अनसुना कर दिया था क्योंकि वह भारतीय था इसलिए इसे 6 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी गई थी
* मिस्टर बासु घोड़े पर सवार होकर मंगल की तरफ आने लगे तो मंगल ने उनपर गोलिया दाग दी और वह नीचे गिर गए इस तरह आजादी की पहली गोली चली थी
* मंगल पांडे ने ह्राूसन के बीच में आने पर उसे भी गोली मार दिए थे और इस तरह पूरा बैरकपुर छावनी गोलियों से गूंज उठा था
* मंगल पांडे ने अपने साथी सैनिकों के साथ न देने पर खुद को गोली मार ली और घायल हो गए जिससे वह गिरफ्तार कर लिये गये
* मंगल पांडे को फांसी की सजा 18 अप्रैल 1857 को रखी गई थी पर लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन के कारण उसके 10 दिन पहले ही 8 अप्रैल 1857 को इन्हें फांसी दे दी गई
* धर्म के लिहाज से कोई जल्लाद इन्हें फांसी देने को तैयार नहीं था इसलिए अंग्रेजों ने कोलकाता से एक जल्लाद को बुलाया था जिसे यह नहीं बताया गया कि उसे किसे फांसी देनी है
* मंगल पांडे जिस पलटन में थे, उसके सारे सैनिकों को सस्पेंड कर दिया गया क्योंकि अंग्रेज़ों को शक था कि वो सभी मंगल पांडे जैसे विचार रखते है और किसी भी समय उनके खिलाफ़ विद्रोह कर सकते है

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August 05, 2022

आयकर_विभाग

#आयकर_विभाग

* आयकर वह कर होता है जो सरकार लोगों की आय पर आय में से लेती है
* आयकर लेने वाले विभाग को आयकर विभाग कहते हैं
* जेम्स विल्सन की ओर से आयकर सबसे पहले 24 जुलाई 1860 को पेश किया गया था
* आयकर एक कर की सरकारों को अपने क्षेत्राधिकार के भीतर सभी संस्थाओं द्वारा उत्पन्न वित्तीय आय पर लागू होता है
* आयकर धन का एक महत्वपूर्ण स्रोत होता है जिसे सरकार अपनी गतिविधियों निधि और जनता की सेवा करने के लिए उपयोग करता है
* भारत सरकार व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवारों, कंपनियों, फर्मों, सहकारी समितियों और ट्रस्टों और किसी भी अन्य कृतिम व्यक्ति के कर योग्य आय पर आयकर लगाता है
* कर का भार प्रत्येक व्यक्ति पर अलग होता है यह उदग्रहण भारतीय आयकर अधिनियम 1961 द्वारा शासित है
* भारतीय आयकर विभाग केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा संचालित है
* भारतीय आयकर विभाग भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अधीन राजस्व विभाग का हिस्सा है
* भारत का आयकर अधिनियम निम्न तत्वों / भागों से मिलकर बना है
> आयकर अधिनियम 1961 
> वित्त अधिनियम 
> आयकर नियमावली 
> परिपत्र / अधिसूचना 
> न्यायालय के विधायी निर्णय
* भारत में प्रतिवर्ष 24 जुलाई को आयकर दिवस मनाया जाता है
* वर्ष 2010 में पहली बार आयकर दिवस मनाया गया था
* पहले आयकर दिवस का आयोजन राजधानी दिल्ली में हुआ था इसमें वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने यादगार बनाने के लिए डाक टिकट और सिक्के भी जारी किए थे
* आयकर दिवस के अवसर पर आयकर विभाग के अधिकारियों को सम्मानित किया जाता है
August 05, 2022

बॉम्बे_स्टॉक_एक्सचेंज (BSE)

#बॉम्बे_स्टॉक_एक्सचेंज (BSE)

* बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज भारत और एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है
* इसकी स्थापना 9 जुलाई 1875 को हुई थी
* इस एक्सचेंज की पहुंच 417 शहरों तक है
* बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज भारतीय शेयर बाज़ार के दो प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों में से एक है दूसरा एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज है
* भारत को अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय बाजार में अपना श्रेष्ठ स्थान दिलाने में बीएसई की अहम भूमिका है
* एशिया के सबसे प्राचीन और देश के प्रथम स्टॉक एक्सचेंज को - बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज सिक्युरिटीज कांट्रेक्ट रेग्युलेशन एक्ट 1956 के तहत स्थाई मान्यता मिली है
* इसका लक्ष्य है - 'वैश्विक कीर्ति की पताका फहराकर प्रमुख भारतीय स्टाक एक्सचेंज के रूप में उभरना'
* भारतीय पूंजी बाजार के विकास में इस एक्सचेंज की व्यापक भूमिका रही है और इसका सूचकांक विश्वविख्यात है
* मैनेजिंग डायरेक्टर के नेतृत्व में डायरेक्टर्स बोर्ड द्वारा एक्सचेंज का संचालन होता है
* इस बोर्ड में प्रतिष्ठित प्रोफेशनल्स, ट्रेडिंग सदस्यों के प्रतिनिधियों और सार्वजनिक प्रतिनिधियों का समावेश है
* एक्सचेंज भारत के छोटे - बड़े शहरों में अपनी उपस्थिति के साथ राष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ है
* बीएसई की सिस्टम और प्रक्रिया ऐसी है कि बाजार की पारदर्शिता और सुरक्षा बनी रहे
* वैश्विक कीर्तिमान स्थापित कर, सर्वोच्च स्टाक एक्सचेंज के रूप में उभरने वाले इस एक्सचेंज के पास सवा सौ से अधिक वर्षों के भव्य इतिहास की समृद्ध विरासत है
* एक्सचेंज में `ट्रेडिंग राइट' और `ओनरशिप राइट' एक दूसरे से अलग है ऐसी परिस्थिती में निवेशकों के हितों पर विशेष सावधानी बरती जाती है
* एक्सचेंज इक्विटी, डेब्ट तथा प्युचर्स और ऑप्शन के व्यापार के लिए ढांचा एवं पारदर्शक ट्रेडिंग सिस्टम सुनिश्चित करता है
* बीएसई की आनलाइन ट्रेडिंग प्रणाली बेहतरीन गुणवत्तावाली है
* वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त इन्फार्मेशन सिक्युरिटी मैनेजमेंट सिस्टम का दर्जा BS 7799-2:2002 सर्टिफिकेट वाला है
* BS 7799 ऑडिट डीएनवी (Det Norske Veritas) द्वारा किया गया था यह प्रमाणपत्र प्राप्त करनेवाला बीएसई भारत का एकमात्र और विश्व का दूसरा एक्सचेंज है
* जानकारी एकत्रित करने, जोखिम को नियंत्रित करने तथा तकनीकी प्रणाली और लोगों की सम्पत्ती की सुरक्षा के लिए BS 7799 अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत मानक है
* भारत में शायद ही ऐसी कोई कंपनी होगी जिसने पूंजी सर्जन के लिए बीएसई की सेवा नहीं ली हो
* बीएसई भारत में कैपिटल मार्केट का प्रतीक माना जाता है
* बीएसई सेंसेक्स देश के अर्थतंत्र और वित्त बाजार की गतिविधियों को प्रतिबिम्बित करता बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स है
* इक्विटी डेरीवेटिव्स, फ्री प्लोट इंडेक्स, यूएस डॉलर आधारित सेन्सेक्स, एक्सचेंज आधारित इंटरनेट ट्रेडिंग प्लेटफार्म स्थापित करने पहला एक्सचेंज है
* फाइनेंशियल ट्रेनिंग के लिए अलग विशेष सुविधा की व्यवस्था करने वाला पहला एक्सचेंज
August 05, 2022

क्रोनी_कैपिटलिज्म

#क्रोनी_कैपिटलिज्म

* एक कहावत है कि बिना ‘अर्थ के कोई तंत्र’ नहीं होता है. दुनिया में पूंजीवाद, साम्यवाद, समाजवाद और मिश्रित अर्थव्यवस्था जैसी कई आर्थिक प्रणालियां हैं इन सभी प्रणालियों में उत्पादन के चार कारक हैं; भूमि, श्रम, पूंजी और उद्यमी काम करते हैं
* उत्पादन का चौथा कारक अर्थात उद्यमी, दुनिया में कई औद्योगिक क्रांतियों के लिए जिम्मेदार है
* किसी उद्यमी की सफलता काफी हद तक संबंधित देश की सरकार के राजनीतिक समर्थन पर निर्भर करती है
* जैसे जैसे हम अधिक आर्थिक और तकनीकी विकास कर रहे हैं, आय असमानता दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है जिसका मुख्य कारण है राजनेताओं और उद्यमियों के बीच एक मजबूत सांठगांठ. इस सांठगांठ को ही क्रोनी कैपिटलिज्म कहा जाता है
● क्रोनी कैपिटलिज्म का अर्थ क्या है (Meaning of Crony Capitalism):-
* ऑक्सफर्ड डिक्शनरी के अनुसार, क्रोनी का शाब्दिक अर्थ होता है 'अ क्लोज फ्रेंड ऑर कंपैनियन (करीबी दोस्त या सखा)'.यह शब्द ग्रीक भाषा के शब्द 'ख्रोनियोज' से बना है जिसका अर्थ होता है 'लंबे समय तक टिकने वाला'
* क्रोनी कैपिटलिज्म का अर्थ ऐसी अर्थव्यवस्था से है जिसमें एक बिज़नेस की सफलता बाजार की शक्तियों के द्वारा नहीं बल्कि राजनीतिक वर्ग और व्यापारी वर्ग के बीच सांठगांठ पर निर्भर करती है
* इसमें सरकार ऐसी नीतियां बनाती है जिससे एक विशेष वर्ग को लाभ होता है और यह लाभ कमाने वाला वर्ग भी सरकार को कुछ लाभ ट्रान्सफर करता रहता है
* एक व्यवसाय की सफलता; सरकार द्वारा सरकारी अनुदान देना, लचर कर संरचना, अपने पसंद के लोगों को टेंडर देना, व्यापारी वर्ग के हितों के लिए नीतियां बनाना, प्रतियोगिता को रोकना, नयी फार्मों के प्रवेश को रोकना, और अन्य तरह से व्यापारिक सहयोग शामिल है
● क्रोनी कैपिटलिज्म इंडेक्स (Crony Capitalism Index):-
* यह सूचकांक इस बात की गणना करता है कि उद्योगों में कितनी आर्थिक गतिविधियां होती हैं जो कि क्रोनिज़्म से ग्रस्त हैं?
* क्रोनी कैपिटलिज्म इंडेक्स 2014 में जर्मनी सबसे साफ-सुथरा देश था, जहां देश का सिर्फ एक व्यापारी / अरबपति क्रोनियन क्षेत्रों से अपनी संपत्ति लाता था
* दूसरी ओर, रूस सबसे खराब रैंक पर था, जहां देश का 18% धन देश के क्रोनी क्षेत्रों से आता था
* भारत को क्रोनी-कैपिटलिज्म इंडेक्स में 9वें स्थान पर रखा गया था, यहाँ देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.4% हिस्सा क्रोनिज़्म क्षेत्र से आता था
* क्रोनी कैपिटलिज्म इंडेक्स 2016 में, रूस सबसे खराब दशा में था जिसके बाद मलेशिया को दूसरी रैंक, फिलीपींस को तीसरी रैंक पर और सिंगापुर को चौथी रैंक पर रखा गया था
● क्रोनी-कैपिटलिज्म के उदाहरण (Example of Crony Capitalism):-
* इस उदाहरण में हम अपनी बाध्यताओं के कारण उन उद्योगपतियों के नाम नहीं बता रहे हैं जो कि भारत में क्रोनी-कैपिटलिज्म के कारण हाल ही में भारत के सबसे धनाढ्य लोगों में शामिल हुए हैं
* भारत में कई कंपनियां हैं जो पिछले 6 सालों से भारी मुनाफा कमा रही हैं ये कंपनियां राजनीतिक दलों को चुनावी चंदे के नाम पर मोटी रकम दान कर रही हैं और बदले में राजनीतिक दल इन कंपनियों के मालिकों के लिए कई अनुकूल नीतियों और निविदाओं, कर छूट, सब्सिडी, और नए लाइसेंस पर रोक लगाकर इनका सपोर्ट कर रहे हैं
* यदि आप भारत के अरबपतियों की सूची देखें, तो उनमें से कुछ ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी कुल संपत्ति में कई गुना वृद्धि की है और टॉप 10 अमीरों की सूची में जगह बना ली है यह सब क्रोनी-कैपिटलिज्म का ही परिणाम है
* ऑक्सफैम की रिपोर्ट 2019, "पब्लिक गुड या प्राइवेट वेल्थ" शीर्षक से पता चला कि भारत के शीर्ष 10% अमीर कुल 77.4% राष्ट्रीय सम्पति के मालिक हैं
* दूसरी तरफ भारत की निचले पायदान की 60% आबादी, राष्ट्रीय संपत्ति का केवल 4.8% रखती है
* इस क्रोनी-कैपिटलिज्म का ही परिणाम है कि भारत और दुनिया में अमीर व्यक्ति और अमीर और गरीब व्यक्ति और गरीब होता जा रहा है
* इसलिए यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि क्रोनी कैपिटलिज़्म से देश और दुनिया की कुल संपत्ति केवल कुछ लोगों के हाथों में केन्द्रित होती जा रही है और 7.5 करोड़ आबादी का बड़ा हिस्सा आज भी भूखे पेट सोने को मजबूर है
BBc

August 05, 2022

दलबदल_की_बीमारी_एक_बार_फिर_लोकतंत्र_के_लिए_चुनौती_बन_रही है।

#दलबदल_की_बीमारी_एक_बार_फिर_लोकतंत्र_के_लिए_चुनौती_बन_रही है।*

यह दलबदल का बदला स्वरूप संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत दलबदल विरोधी कानून के प्रावधानों को बाइपास करता हुआ संसदीय प्रणाली के लोकतंत्र पर सीधा करारा हमला है। वर्ष 1967 से 1972 के बीच दलबदल के संक्रमण ने लगभग सभी राज्यों की सरकारों को अपनी चपेट में लिया था। फिर इस बीमारी से निजात पाने के लिए 1985 में राजीव गांधी सरकार ने संसद में 52वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा दलबदल विरोधी कानून को संविधान में 10वीं अनुसूची के रूप में जोड़ा।

हालांकि, 10वीं अनुसूची में लागू दलबदल विरोधी कानून के प्रावधान बिल्कुल स्पष्ट हैं परंतु राजनेता आम नागरिकों को इन प्रावधानों के बारे में भ्रमित करते रहते हैं क्योंकि आम लोगों के सामने कानून के प्रावधान संपूर्ण रूप में न आकर टुकड़ों में आते हैं। सांसदों या विधायकों की तीन श्रेणियां होती हैं। एक राजनीतिक दल के सदस्य के रूप में उस दल के चुनाव चिन्ह पर चुने हुए सदस्य के रूप में, दूसरे स्वतंत्र रूप से चुने गए निर्दलीय सदस्य व तीसरे नामित सदस्य।

10वीं सूची में वर्णित दलबदल विरोधी कानून के तहत किसी भी सदन के राजनीतिक दल के संबंधित सदस्य को अयोग्य घोषित होने की तीन शर्तें हैं, पहली कोई दलीय विधायक या सांसद राजनीतिक दल के चुनाव चिन्ह पर निर्वाचित होने के बाद स्वेच्छा से दल का त्याग कर दे। दूसरी, विधायक या सांसद अपने दल के व्हिप के निर्देशों का उल्लंघन कर सदन में मतदान में उपस्थित न हो और तीसरी व्हिप के निर्देशानुसार सदन में मतदान न करे। 

निर्दलीय विधायक या सांसद अपने कार्यकाल में किसी भी राजनीतिक दल की सदस्यता नहीं ले सकता, अगर वह किसी भी राजनीतिक दल की सदस्यता ग्रहण कर ले तो उसे आयोग्य घोषित किया जा सकता है।

वर्ष 1985 के दलबदल विरोधी कानून के तहत 10वीं सूची के पैरा-3 में मूल राजनीतिक दल में विभाजन का प्रावधान था, जिसमें सदन के एक-तिहाई सदस्य एक समूह बनाकर दल में विभाजन करने पर दलबदल कर अयोग्य घोषित होने से बच जाते थे। पिछली सदी के नब्बे के दशक में जमकर दलबदल की घटनाओं ने संसदीय प्रणाली की जड़ें हिला दी थीं, जिसका समाधान 2003 के 91वें संविधान संशोधन ने इस दल विभाजन के 10वीं अनुसूची के पैरा-3 के प्रावधान को समाप्त कर दिया। 2003 के संशोधन उपरांत 10वीं अनुसूची के पैरा-4 में वर्णित केवल मूल राजनीतिक दल के दूसरे राजनीतिक दल में विलय पर सदन के दलीय सदस्यों को अयोग्यता से बचाव का प्रावधान है, बशर्ते इस विलय के लिए मूल राजनीतिक दल के दो-तिहाई सदस्य सहमत व साथ हों।

किसी राजनीतिक दल से संबंधित विधायक या सांसद अगर उस दल द्वारा निष्काषित कर दिया जाता है तो भी वह उस दल के व्हिप अनुसार सदन में मतदान के समय उपस्थित रहने व मतदान करने का पाबन्द रहेगा और अगर वह किसी और दल की सदस्यता ग्रहण करता है तो भी अयोग्य घोषित किया जा सकता है। वर्ष 2003 के 91वें सशोधन में केन्द्र व राज्यों में निचले सदन की सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक मंत्रियों की संख्या पर भी रोक लगा दी परंतु छोटे राज्यों में न्यूनतम मंत्रियों की संख्या सात रखी है। उपरोक्त संशोधानुसार 10वीं सूची के पैरा-2 के तहत अयोग्य घोषित विधायक या सांसद अयोग्य घोषित अवधि के दौरान मंत्री पद पर नियुक्त नहीं हो सकता परंतु उस पर उस अवधि में पुनः चुनाव लड़ने पर रोक नहीं है अतः वह उस अवधि के दौरान दोबारा चुनाव जीतकर मंत्री बन सकता है। पिछले साल कर्नाटक विधानसभा स्पीकर ने विधायकों को अयोग्य घोषित करने के साथ उन पर उस अवधि में दोबारा चुनाव लड़ने पर रोक भी लगाई थी, जिसे उच्चतम न्यायालय ने असंवैधानिक करार दिया। वर्ष 2003 के उपरोक्त संविधान संशोधन ने 10वीं अनुसूची के पैरा-2 के तहत अयोग्य ठहराए गए सदस्य को केन्द्र या राज्य में कोई भी लाभकारी राजनीतिक पद लेने पर भी रोक लगा रखी है। लोकसभा व राज्यसभा के सभापति, उपसभापति व राज्य के विधान परिषद के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को 10वीं अनुसूची के तहत उनके इन पद पर चुने जाने उपरांत उस दल की सदस्यता, जिसके चुनाव चिन्ह पर वे चुनकर आए थे, स्वेच्छा से छोड़ने पर अयोग्य घोषित नहीं किए जा सकते बशर्ते इसी अवधि में दोबारा दल की सदस्यता ग्रहण न की हो। 

10वीं अनुसूची के उपरोक्त प्रावधानों के तहत सदस्यों के दलबदल पर सदस्यों को अयोग्य घोषित करने की सारी शक्ति व अधिकार लोकसभा व विधानसभाओं के स्पीकरों को अपने सदनों के सदस्यों के बारे दलबदल से संबंधित फैसले की पूर्ण शक्ति व अधिकार दिए गए हैं तथा अदालतों के अधिकार क्षेत्र पर रोक लगाई गई है। परंतु पिछले तीन दशकों के सदनों के स्पीकर व पीठासीन अधिकारियों ने दलबदल से संबंधित मामलों के निपटारों में अपने दायित्वों का निष्पक्षता से पालन न करके पार्टी प्रतिबद्धताओं को प्राथमिकता दी। अयोग्यता का फैसला करने के समय उनके कार्य व आचरण हमेशा पक्षपाती और सत्ताधारी पार्टी की तरफ रहे हैं। सत्ताधारी पार्टी की सहूलियत अनुसार किसी दलबदल के केस को तीन-चार साल तक लटकाए रखते हैं तो किसी का फैसला दिनों में ही कर देते हैं। इन्ही कारणों से अब दलबदल विरोधी कानून के तहत पारित प्रत्येक आदेश न सिर्फ न्यायालयों में न्यायिक जांच के अधीन है, बल्कि अब स्पीकर द्वारा आरोपित विधायक को जारी नोटिस पर भी न्यायालय स्टे देने लग गए हैं। माननीय उच्चतम न्यायालय ने तो इस कानून के तहत मामलों के निपटारे के लिए एक स्थायी न्यायाधिकरण स्थापित करने की सलाह दी है।
August 05, 2022

हाउस_अरेस्ट_या_नज़रबंदी

#हाउस_अरेस्ट_या_नज़रबंदी_किसे_कहते_हैं_और_इससे_जुड़े_नियम_क्या_हैं?
जम्मू और कश्मीर में जारी गतिरोध के बीच सरकार ने महबूबा मुफ़्ती और और अन्य नेताओं को एहतियात के तौर पर हाउस अरेस्ट कर दिया है. इसके पहले भीमा कोरेगांव हिंसा के मामले में पुणे की पुलिस ने पांच बुद्धिजीवियों और राइट एक्टिविस्ट्स को गिरफ्तार किया था. सुप्रीम कोर्ट ने इन लोगों को हाउस अरेस्ट रखने के आदेश जारी किये हैं. अब यह सवाल उठता है कि आखिर यह हाउस अरेस्ट या नज़रबंदी क्या होती है.

#अरेस्ट_वॉरंट_या_गिरफ़्तारी_के_आदेश

किसी अभियुक्त को गिरफ्तार करने के लिए कोर्ट अरेस्ट वॉरंट यानि गिरफ्तारी का आदेश जारी करता है. अरेस्ट वॉरंट के तहत संपत्ति की तलाशी ली जा सकती है और उसे जब्त भी किया जा सकता है. अपराध की प्रकृति के आधार पर अरेस्ट वॉरंट की प्रकृति भी निर्भर करती है. अरेस्ट वॉरंट जमानती और गैर-जमानती हो सकता है. संज्ञेय अपराध की स्थिति में पुलिस अभियुक्त को बिना अरेस्ट वॉरंट के गिरफ़्तार कर सकती है.

#सर्च_वॉरंट

सर्च वॉरंट वह कानूनी अधिकार है जिसके तहत पुलिस या फिर जांच एजेंसी को घर, मकान, बिल्डिंग या फिर व्यक्ति की तलाशी के आदेश दिए जाते हैं. पुलिस इसके लिए मजिस्ट्रेट या फिर जिला कोर्ट से इजाजत मांगती है.

#हाउस_अरेस्ट_या_नज़रबंदी

जब तक कोर्ट यह तय नहीं कर पाती है कि कोई व्यक्ति किसी अपराध के लिए दोषी है या नहीं तो उसे जेल नहीं भेजती है और उस आरोपी व्यक्ति को खुला घूमने से रोकने के लिए कोर्ट हाउस अरेस्ट या नज़रबंदी का आदेश देती है. इसका मतलब सिर्फ इतना होता है कि गिरफ्तार किया गया व्यक्ति अपने घर से बाहर न निकल पाए. #हालाँकि_भारतीय_कानून_में_हाउस_अरेस्ट_शब्द_का_ज़िक्र_नहीं_है. अर्थात हाउस अरेस्ट की स्थिति में व्यक्ति को थाने या फिर जेल नहीं ले जाया जाता है बल्कि उसके घर में ही बंद रखा जाता है.

हाउस अरेस्ट के दौरान गिरफ्तार व्यक्ति किस से बात करे, किससे नहीं, इस पर पांबदी लगाई जा सकती है. आरोपी व्यक्ति को सिर्फ घर के लोगों और अपने वकील से बातचीत की इजाजत दी जा सकती है.

#हाउस_अरेस्ट_की_दशा_में;

1. यह सोचना बिलकुल गलत है कि घर में नजरबन्द व्यक्ति हमेशा घर में जेल की तरह कैद रहता है बल्कि सच यह है कि यदि आरोप बहुत संगीन नहीं हैं तो आरोपी को उसके सामान्य काम जैसे स्कूल, डॉक्टर से मिलना, किसी से मिलना, सामुदायिक सेवा और अदालतों द्वारा तय किये गए अन्य काम करने की अनुमति होती है. हालाँकि इस दौरान सुरक्षा कर्मी आरोपी के साथ रहेंगे और उसे एक इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग डिवाइस पहनना होगा.

2. हाउस अरेस्ट कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के पहले की दशा है अर्थात इस दशा में व्यक्ति को बिना जेल भेजे जेल जैसी स्थितियों में रखने की कोशिश होती है.

3. #सामान्यतः आरोपी व्यक्ति को बाहर यात्रा करने की छूट नहीं होती है हालाँकि किन्ही विशेष दशाओं में अनुमति दी जा सकती है.

4. हाउस अरेस्ट की सजा क्रिमिनल लोगों को भी दी जा सकती है यदि जेल की सजा किन्ही विशेष कारणों से ठीक/सुरक्षित नहीं है.

5. आमतौर पर घर में नजरबन्द व्यक्ति को किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होती है लेकिन यदि इस्तेमाल करने की छूट मिलती है तो उसका इस्तेमाल सम्बंधित अधिकारियों की निगरानी में ही होता है.

6. आरोपी व्यक्ति पर नजर रखने के लिए उसे किसी विशेष #इलेक्ट्रॉनिक_डिवाइस को पहनने को कहा जाता है ताकि उस पर दिन रात नजर रखी जा सके.

7. हाउस अरेस्ट की दशा में आरोपी व्यक्ति को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और मोनिटरिंग सर्विस का भुगतान खुद करना होगा.

8. हाउस अरेस्ट का बड़ा नुकसान यह है कि इसमें आरोपी व्यक्ति को उसके अच्छे आचरण के कारण सजा में छूट नहीं मिलती है जैसे कि जेल में रहते हुए कैदी को मिलती है.

#हाउस_अरेस्ट_की_दशा_में_आरोपी_व्यक्ति_के_क्या_अधिकार_होते_हैं;

चाहे आप वयस्क नागरिक हों या गैर-नागरिक हों, अगर आपको गिरफ्तार किया गया है तो आपके पास कुछ अधिकार हैं जिन्हें आपको बताना कानून प्रवर्तन अधिकारी की जिम्मेदारी है. ये अधिकार हैं ;

1. हाउस अरेस्ट की अवस्था में यदि किसी व्यक्ति से कोई इन्वेस्टीगेशन करनी होती है तो उसका वकील उसके साथ बैठ सकता है यदि कोई आरोपी वकील को हायर नहीं कर सकता है तो उसे वकील अदालत की तरफ से दिया जाता है.

2. हाउस अरेस्ट की दशा में आरोपी के पास यह अधिकार होता है कि वह अपना नाम, पता और पहचान चिन्ह के अलावा कुछ भी बताने से इंकार कर सकता है.

3. आरोपी इस पूछताछ के दौरान जो कुछ भी बोलता है उसका इस्तेमाल आरोपी के खिलाफ अदालत में सबूत के तौर पर किया जा सकता है.

ऊपर लिखे गए तीनों अधिकार आरोपी को संविधान ने दिए हैं. यदि कानून प्रवर्तन अधिकारी इन अधिकारों के बारे में आरोपी व्यक्ति को नहीं बताता है तो उसके द्वारा हाउस अरेस्ट के दौरान दिया गया स्टेटमेंट उसके खिलाफ अदालत में सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है.

ऊपर लिखे गए तथ्यों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि हाउस अरेस्ट, जेल की तुलना में थोड़ी राहत भरी सजा होती है. इसके साथ ही यह कम खर्चीली दंडात्मक कार्यवाही है जो कि अपराध पर नियंत्रण करने के लिए बनायीं गयी है.

Saturday, July 16, 2022

July 16, 2022

पंचशील_समझौता

#पंचशील_समझौता

* भारत की आजादी के समय भारत और चीन के रिश्ते इतने कडवे नहीं थी जितने कि 1962 के बाद हो गये है
* चूंकि उस समय अमेरिका, पाकिस्तान का पक्ष लेता था इसलिए भारत ने अपने पड़ोसी देश चीन से मधुर रिश्ते रखने में ही भलाई समझी
* यही कारण है कि भारत ने 1950 में चीन द्वारा तिब्बत पर कब्ज़ा करने का पुरजोर विरोध नहीं किया था लेकिन जब भारत ने दलाई लामा को भारत में शरण दी तो रिश्ते कडवे होने शुरू हो गये
* हालाँकि तत्कालानीं प्रधानमन्त्री नेहरु ने पंचशील समझौते के माध्यम से दोनों देशों के बीच मधुर सम्बन्ध बनाने की कोशिश की लेकिन वे कामयाब नहीं हुए और दोनों देशों के बीच 1962 का युद्ध हुआ
* पंचशील समझौता, चीन के क्षेत्र तिब्बत और भारत के बीच आपसी संबंधों और व्यापार को लेकर हुआ था
* पंचशील, या शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पांच सिद्धांत, पर पहली बार औपचारिक रूप से भारत और चीन के तिब्बत क्षेत्र के बीच व्यापार और शांति के समझौते पर 29 अप्रैल, 1954 को हस्ताक्षर किए गए थे
* यह समझौता तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और चीन के पहले प्रीमियर (प्रधानमंत्री) चाऊ एन लाई के बीच हुआ था
* पंचशील का संधि विच्छेद है पंच+शील अर्थात पांच सिद्धांत या विचार!
* पंचशील शब्द ऐतिहासिक बौद्ध अभिलेखों से लिया गया है जो कि बौद्ध भिक्षुओं का व्यवहार निर्धारित करने वाले पांच निषेध होते हैं अर्थात इन कामों को करने की मनाही हर बौद्ध व्यक्ति के लिए होती है
● अप्रैल 1954 में भारत ने तिब्बत को चीन का हिस्सा मानते हुए चीन के साथ ‘पंचशील’ के सिद्धांत पर समझौता कर लिया. इस सिद्धांत के मुख्य बिंदु थे:
> दूसरे देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना
> एक-दूसरे देश पर आक्रमण न करना
> शांतिपूर्ण सहअस्तित्व की नीति का पालन करना
> परस्पर सहयोग एवं लाभ को बढ़ावा देना
> सभी देशों द्वारा अन्य देशों की क्षेत्रीय अखंडता और प्रभुसत्ता का सम्मान करना
* पंचशील संधि ने भारत और चीन के संबंधों के तनाव को काफ़ी हद तक दूर कर दिया था
* इन संधि के बाद भारत और चीन के बीच व्यापार और विश्वास बहाली को काफी बल मिला था
* इसी बीच हिंदी-चीनी भाई भाई के नारे भी लगाये गये थे
* 1959 के तिब्बती विद्रोह की शुरुआत में, अपनी जान की रक्षा करने के लिए दलाई लामा और उनके अनुयायी, सीआईए की मदद से तिब्बत से भाग कर 1959 में असम में पहुँच गये थे
* भारत ने उन्हें शरण दी बस यहीं से भारत और चीन के बीच पंचशील समझौता खतरे में पड़ गया क्योंकि समझौते में लिखा था "एक दूसरे के आंतरिक मामलों में दखल ना देना." 
* इसके बाद रिश्ते ख़राब होते गये और चीनी सरकार के बढ़ते विरोध के बीच वहां की सरकार ने जनता को शांत करने के लिए देशभक्ति की अलख जगाते हुए भारत के खिलाफ सन 1962 में एकतरफा युद्ध की घोषणा कर दी थी
* इस युद्ध के लिए ना तो भारत की सेना तैयार थी और ना यहाँ की सरकार. इसका परिणाम यह हुआ कि चीन ने भारत की जमीन का बहुत बड़ा हिस्सा अपने कब्जे में कर लिया था
* इस प्रकार पंचशील समझौता भारत और चीन से बीच आर्थिक और राजनीतिक संबंधों की ठीक करने की दिशा में उठाया गया एक सोचा समझा कदम था लेकिन चीन ने इसका गलत फायदा उठाया और भारत की पीठ में छुरा मारने का काम किया है

Thursday, May 5, 2022

May 05, 2022

भारत और डेनमार्क

भारतीय प्रधानमंत्री की डेनमार्क यात्रा के दौरान भारत और डेनमार्क हरित हाइड्रोजन , नवीकरणीय ऊर्जा और अपशिष्ट जल प्रबंधन पर ध्यान देने के साथ हरित रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने पर सहमत हुए हैं।

  • इसके अलावा भारत ने मिशन पार्टनर के रूप में समाधान हेतु अंतर्राष्ट्रीय केंद्र (ICARS) में शामिल होने के लिये डेनमार्क के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है।
  • डेनमार्क के प्रधानमंत्री ने साक्ष्य-आधारित डिजिटल प्रौद्योगिकियों के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य और कल्याण में सुधार हेतु भारत के निमंत्रण पर में डेनमार्क के प्रवेश की पुष्टि की है।

  • भारत-डेनमार्क संबंध:

    • पृष्ठभूमि: भारत और डेनमार्क के बीच राजनयिक संबंध सितंबर 1949 में स्थापित हुए जो नियमित उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान (Regular high-level Exchanges) को चिह्नित करते हैं।
      • दोनों देशों की इच्छा क्षेत्रीय और ऐतिहासिक लोकतांत्रिक परंपराओं के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं स्थिरता के लिये कार्य करना है।
      • वर्ष 2020 में आयोजित वर्चुअल समिट के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को "हरित रणनीतिक साझेदारी" के स्तर तक बढ़ा दिया गया था।

    हरित रणनीतिक साझेदारी:

    • हरित रणनीतिक साझेदारी राजनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने, आर्थिक संबंधों और हरित विकास का विस्तार, रोज़गार का सृजन, पेरिस समझौते और संयुक्त राष्ट्र के सतत् विकास लक्ष्यों के महत्त्वाकांक्षी कार्यान्वयन पर ध्यान देने के साथ-साथ वैश्विक चुनौतियों संबोधित करना एवं अवसरों को मज़बूती प्रदान करने हेतु एक पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यवस्था है।
    • जलवायु एजेंडे में भारत और डेनमार्क दोनों के महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य हैं।
    • भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा CO2 उत्सर्जक देश है और वर्ष 2030 तक देश के कार्बन उत्सर्जन के दोगुना होने की उम्मीद है।
    • वर्ष 2030 तक डेनमार्क सरकार द्वारा CO2 उत्सर्जन को 70% तक कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसका उद्देश्य सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा के साथ सतत् विकास लक्ष्य-7 (SDG- 7) को प्राप्त करते हुए अंतर्राष्ट्रीय नेतृत्व प्रदान करना है।
    • भारत और डेनमार्क आपसी साझेदारी द्वारा वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करेंगे कि महत्त्वाकांक्षी जलवायु और सतत् ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करना संभव है।
    • वाणिज्यिक और आर्थिक संबंध: भारत-डेनमार्क के बीच वस्तुओं एवं सेवाओं में द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2016 में 2.8 बिलियन अमेरिकी डाॅलर था जो वर्ष 2021 में बढ़कर 5 बिलियन अमेरिकी डाॅलर हो गया है।
      • भारत से डेनमार्क को निर्यात की जाने वाली प्रमुख वस्तुओं में कपड़ा, परिधान और कच्चे धागे से संबंधित वस्तुएंँ, वाहन तथा उनके घटक, धातु के सामान, लोहा व इस्पात, जूते एवं यात्रा संबंधी सामान हैं।
      • डेनमार्क से भारत को निर्यात की जाने वाली प्रमुख वस्तुओं में डेनिश निर्यात औषधीय/दवाएँ, बिजली उत्पन्न करने वाली मशीनरी, औद्योगिक मशीनरी, धातु अपशिष्ट और अयस्क एवं जैविक रसायन शामिल हैं।
    • सांस्कृतिक आदान-प्रदान: भारत का 75वांँ स्वतंत्रता दिवस कोपेनहेगन में ध्वजारोहण समारोह और जीवंत आज़ादी के अमृत महोत्सव समारोह के साथ बड़े उत्साह के साथ मनाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय शामिल हुए।
      • डेनमार्क के नागरिकों में भारतीय समुदाय के आईटी पेशेवर, डॉक्टर और इंजीनियर शामिल हैं।
      • डेनमार्क में महत्त्वपूर्ण सड़कों और सार्वजनिक स्थानों का नाम भारतीय नेताओं के नाम पर रखा गया है जिनमें गांधी मैदान (गांधी पार्क), कोपेनहेगन और आरहू विश्वविद्यालय के पास एक नेहरू रोड शामिल है।
      • इंटरनेशनल सेंटर फॉर एंटीमाइक्रोबियल रेज़िस्टेंस सलूशन (ICARS)

        • वर्ष 2017 और वर्ष 2018 के दौरान डेनमार्क और विश्व बैंक के बीच बातचीत के माध्यम से निम्न और मध्यम आय वाले देशों के सहयोग तथा कार्यान्वयन से अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करने वाले एक इंटरनेशनल इंडिपेंडेंट रिसर्च एंड नाॅलिज सेंटर (International Independent Research and Knowledge Centre ) के विचार को बढ़ावा दिया गया था।
        • मार्च 2018 में एक बैठक में इस बात पर सहमति हुई थी कि इस क्षेत्र में यह पता लगाने के लिये इस विचार को आगे बढ़ाना महत्त्वपूर्ण है कि क्या डेनमार्क इस तरह के केंद्र की शुरुआत व मेज़बानी कर सकता है, क्योंकि वन हेल्थ में काम करने का अपना लंबा इतिहास है।
        • नवंबर 2018 में डेनमार्क सरकार ने औपचारिक रूप से ICARS स्थापित करने की अपनी महत्त्वाकांक्षा की घोषणा की।

        वैश्विक डिजिटल स्वास्थ्य भागीदारी:

        • ग्लोबल डिजिटल हेल्थ पार्टनरशिप सरकारों, सरकारी एजेंसियों और बहुराष्ट्रीय संगठनों का एक अंतर्राष्ट्रीय सहयोग है जो साक्ष्य-आधारित डिजिटल तकनीकों के सर्वोत्तम उपयोग के माध्यम से अपने नागरिकों के स्वास्थ्य एवं कल्याण में सुधार के प्रति समर्पित है।
        • यह अपने प्रतिभागियों के बीच परिवर्तनकारी जुड़ाव का अवसर प्रदान करने के लिये फरवरी 2018 में स्थापित किया गया था।
        • ऑस्ट्रेलिया 2018 में इस उद्घाटन शिखर सम्मेलन का मेज़बान देश था।
        • 'चौथा ग्लोबल डिजिटल हेल्थ पार्टनरशिप समिट' फरवरी 2019 में नई दिल्ली में आयोजित किया गया था।

        आगे की राह

        • बहुपक्षीय मंच पर सहयोग: भारत और डेनमार्क ने मानवाधिकार, लोकतंत्र तथा कानून के शासन के मूल्यों को साझा किया है एवं दोनों को लोकतंत्र और मानवाधिकारों को आगे बढ़ाने व बहुपक्षीय प्रणाली आधारित एक नियम को बढ़ावा देने के लिये विश्व व्यापार संगठन, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन, आर्कटिक परिषद जैसे बहुपक्षीय मंचों में सहयोग करना चाहिये।

Saturday, July 4, 2020

July 04, 2020

भारतीय बैंकिंग :-

भारतीय बैंकिंग :-
(1) भारत में सबसे पहले किस बैंक की स्थापना की गई— बैंक ऑफ हिंदुस्तान
(2) बैंक ऑफ हिंदुस्तान की स्थापना कब की गई— 1770
(3) बैंक ऑफ बंगाल की स्थापना कब की गई— 1806
(4) बैंक ऑफ बांबे की स्थापना कब की गई— 1840
(5) बैंक ऑफ मद्रास की स्थापना कब की गई— 1843
(6) बैंक ऑफ मद्रास, बैंक ऑफ बांबे व बैंक ऑफ बंगाल को आपस में विलय करके किस बैंक की स्थापना की गई— इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया
(7) इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना कब की गई— 1921
(8) इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया का राष्ट्रीयकरण कब किया गया— 1955
(9) इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया को नया नाम क्या दिया गया— भारतीय स्टेट बैंक
(10) इलाहाबाद बैंक की स्थापना कब की गई— 1865
(11) भारतीयों द्वारा संचालित पहला बैंक कौन-सा था— अवध कॉमर्शियल बैंक
(12) अवध कॉमर्शियल बैंक की स्थापना कब की गई थी— 1881
(13) पूर्णरूपेण भारतीयों का पहला बैंक कौन-सा था— पंजाब नेशनल बैंक
(14) भारतीय रिजर्व बैंक ने कार्य करना कब शुरू किया— 1 अप्रैल, 1935
(15) भारतीय बैंकिंग अधिनियम पारित कब किया गया— 1949
(16) 6 बड़े व्यावसायिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण कब किया गया— 1980
(17) भारतीय रिजर्व बैंक की दूसरी अनुसूची में सम्मिलित बैंकों को क्या कहते हैं— अनुसूचित बैंक
(18) किस समिति की रिपोर्ट के आधार पर निजी क्षेत्र में बैंक स्थापित करने की अनुमति प्रदान कर दी गई—नरसिंहमन समिति
(19) देश का पहला तैरता ए. टी. एम. कहाँ स्थापित किया गया है— कोच्चि
(20) बैंकों के ग्राहकों की शिकायतों का निदान कराने के लिए बैंकिंग लोकपाल योजना कब लागू की गई— 14 जून, 1995
(21) भारतीय रिजर्व बैंक ने कब तक पाकिस्तान के लिए भी केंद्रीय बैंक के रूप में कार्य किया— 30 जून, 1948
(22) भारतीय रिजर्व बैंक में एक गवर्नर के अलावा कितने डिप्टी गवर्नर होते हैं— चार
(23) रिजर्व बैंक अधिकतम् किस मूल्यवर्ग तक के बैंक नोट जारी कर सकता है— 10,000 रूपए
(24) रिजर्व बैंक अधिकतम् किस मूल्यवर्ग तक के सिक्के जारी कर सकता है— 1,000 रुपए
(25) रिजर्व बैंक नोट मुद्रण (प्रा.) लि. की स्थापना कब की गई— 3 फरवरी, 1995
(26) उस दर को क्या कहते हैं जिस पर केंद्रीय बैंक प्रथम श्रेणी तथा अनुमोदित हुंडियों का जमानत के आधार पर देश में वाणिज्यिक बैंकों को ऋण प्रदान करता है— बैंक दर
(27) प्रत्येक अनूसूचित वणिज्यिक बैंकों को अपनी जमा का एक निश्चित अंश भारतीय रिजर्व बैंक के पास नकद रूप में रखना अनिवार्य होता है, उसे क्या कहते हैं— नकद आरक्षित अनुपात
(28) राष्ट्रीय साख परिषद की स्थापना कब की गई— 22 दिसबंबर, 1977
(29) भारतीय ऋण गारंटी निगम की स्थापना कब की गई— 1971
(30) भारतीय ऋण गांरटी निमग का नाम बदलकर जमाराशि बीमा एंव ऋंण गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) कब किया गया— 1978
(31) भारतीय रिजर्व बैंक ने बचत बैंक खातों पर ब्याज दरों का विनियमन कब समाप्त कर दिया— 25 अक्टूबर, 2011
(32) भारतीय स्टेट बैंक के सहयोगी बैंक वर्तमान में कितने हैं— पाँच
(33) भारतीय स्टेट बैंक के सहयोगी बैंक कौन-कौन से हैं— स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ इंदौर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला व स्टेट बैंक ऑफ मैसूर
(34) भारतीय स्टेट बैंक के किन सहयोगी बैंकों के उसमें विलय कर दिया गया है— स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र और स्टेट बैंक ऑफ इंदौर
(35) नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फड्स ट्रांसफर (एनईएफटी) देश में कब शुरु की गई— अक्टूबर, 2005
(36) भारतीय प्रतिभूति व्यापार निगम की स्थापना कब की गई— 1994
(37) भारत की पहली डिपॉजिटरी नेशनल सिक्यूरिटीज डिपॉजिटरी लि. (NSDL) की स्थापना कब की गई—8 नवंबर, 1996
(38) देश की दूसरी डिपॉजिटरी सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लि. (CDSL) की स्थापना कब की गई— फरवरी, 1998
(39) बांबे स्टॉक एक्सचेंज का पहले नाम क्या था— द नेटिव शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स एसोसिएशन
(40) बांबे स्टॉक एक्सचेंज द्वारा सूचकांक यानि सेंसेक्स कब शुरू किया गया— 1986-87
(41) बांबे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक कितने शेयरों के मूल्यों पर आधारित है— 30
(42) भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की स्थापना कब की गई— 12 अप्रैल, 1988
(43) सेबी को संवैधानिक संस्था का दर्जा कब प्रदान किया गया— 1992
(44) भारतीय मुद्रा रुपए के प्रतीक चिन्ह का अनुमोदन सरकार ने कब किया— 15 जुलाई, 2010
(45) डाक सामग्री, डाक टिकट, ज्यूडीशियल एवं नॉन-ज्यूडीशियल, स्टांप, भारतीय रिजर्व बैंक और भारतीय स्टेट बैंके के चेक, बॉण्ड, NSC, किसान विकास पत्र, पोस्टल आर्डर, पासपोर्ट, सुरक्षा दस्तावेज और प्रोमिसरी नोट कहाँ छापे जाते हैं— इंडिया सिक्यूरिटी प्रेस
(46) इंडिया सिक्यूरिटी प्रेस कहाँ स्थित है— नासिक रोड (महाराष्ट्र)
(47) 5, 10, 50, 100, 500 तथा 1,000 रूपए के बैंक नोट कहाँ छापे जाते हैं— करेंसी नोट प्रेस नासिक रोड
(48) सिक्यूरिटी पेपर मिल कहाँ स्थित है— होशंगाबाद (मध्य प्रदेश)
(49) सरकारी टकसालें किन शहरों में स्थित हैं— मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद तथा नोएडा
July 04, 2020

भारतीय अर्थव्यवस्था

भारतीय अर्थव्यवस्था
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 ● रुपए का सर्वप्रथम अवमूल्यन कब हुआ— 20 सितंबर,1949
 ● दूसरी बार रुपए का अवमूल्यन कब हुआ— 6 जून, 1966
 ● रुपए का तीसरी बार अवमूल्यन कब  हुआ— 1 जुलाई,1991
 ● विदेशों में स्थित विदेशी बैंकों के साथ विदेशी मुद्रा में भारतीय बैंकों द्वारा रखे गए खाते को क्या कहते हैं --नोस्ट्रो एकाउंट्स
● भारत में मुद्रास्फीति की गणना किस पर आधारित है— थोक मूल्य सूचकांक
● किस स्थिति में मुद्रा के मूल्य में वृद्धि होती है तथा वस्तुओं एवं सेवाओं की कीमतों में गिरावट होती है— मुद्रा संकुचन या अवस्फीति
● मुद्रास्फीति के दुष्परिणामों को दूर करने के लिए जान-बूझकर मुद्रा की मात्रा कम करने का क्या कहते हैं— मुद्रा अपस्फीति
● सकल घरेलू (जीडीपी) में कृषि एवं संबंध क्षेत्र का हिस्सा कितना है—13.67 प्रतिशत
● 1950-51 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद में कृषि का योगदान कितना था— 52.2प्रतिशत
● रबी की फसलों की बुआई कब की जाती है— अक्टूबर,नवंबर, दिसंबर
● रबी की फसलों में कौन-सी फसलें आती हैं— गेहूँ, जौ,चना मटर, सरसों व आलू आदि
● खरीफ की फसलों की बुआई कब की जाती है— जून-जुलाई
● खरीफ की फसलों में कौन-सी फसलें आती हैं—ज्वार, बाजरा, मक्का, तिल,मूँगफली, अरहर आदि
● जायद की फसलों को कब पैदा किया जाता है—मार्च से जुलाई के मध्य
● जायद की फसलों में कौन-सी फसलें आती है— तरबूज,खरबूज, ककड़ी तथा पशुचारा
● व्यापारिक या नकदी फसलें कौन-सी होती हैं—कपास, गन्ना, तिलहन, चाय, जूट तथा तंबाकू
● भारत में सर्वाधिक मात्रा में खाद्यान्न का उत्पादन होता है— चावल
● देश में कृषि के अंतर्गत किस तरह के उर्वरकों का सर्वाधिक उपयोग होता है—नाइट्रोजनी
● विश्व में मसलों के सबसे बड़े उत्पादक,उपभोक्ता और निर्यात्क होने का गौरव किस देश को प्राप्त है—भारत
● रबड़ के उत्पादन में भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है— चौथा
● रबड़ की प्रति हेक्टेयर उत्पादक में भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है—पहला
● हरित क्रांति से किस फसल के उत्पादन में सबसे अधिक वृद्धि हुई— गेहूँ
● अंगूर की प्रति हेक्टेयर उपज में भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है—पहला
● मोटे अनाज के अंतर्गत कौन-सी फसलें आती हैं—बाजरा, ज्वार, रागी, मक्का तथा जौ
● कृषि के अंतर्गत ट्रैक्टर्स के उपयोग की दृष्टि से भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है—चौथा
● काली चाय का विश्व में सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता देश कौन-सा है— भारत
● भारत का विश्व दुग्ध उत्पादन में कौन-सा स्थान है— पहला
● कुल पशुओं की संख्या की दृष्टि से विश्व में भारत का कौन-सा स्थान है— दूसरा
● कुल पशुओं की संख्या की दृष्टि से विश्व में कौन-सा देश पहले स्थान पर है— ब्राजील
● अंडों के उत्पादन में भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है— तीसरा
● विश्व का सबसे बड़ा चमड़ा उत्पादक देश कौन-सा है— भारत
● ‘ऑपरेशन फ्लड’ कार्यक्रम कब शुरू किया गया— 1970
 ● ‘ऑपरेशन फ्लड’ कार्यक्रम किसके उत्पादन में बढ़ोतरी से संबंधित है—दूध
● ‘ऑपरेशन फ्लड’ कार्यक्रम के सूत्रधार कौन थे— डॉ.वर्गीज कूरियन
● विश्व में समुद्री मत्स्य उत्पादन में भारत का कौन-सा स्थान है— छठा
● विश्व में अंतर्देशीय मत्स्य उत्पादन में भारत का कौन-सा स्थान है— दूसरा
● मोती देने वाली मछलियाँ कहाँ पकड़ी जाती हैं—मन्नार की खाड़ी
● सर्वाधिक समुद्री मछलियाँ किस राज्य में पकड़ी जाती हैं— गुजरात
● ताजे पानी की सर्वाधिक मछलियाँ किस राज्य में पकड़ी जाती है— पश्चिम बंगाल
● कुल मछली उत्पादन में कौन-सा राज्य पहले स्थान पर है— पश्चिम बंगाल
● श्वेत क्रांति किससे संबंधित है—दूग्ध उत्पादन से
● पीली क्रांति किससे संबंधित है—तिलहन उत्पादन

पंचवर्षीय योजना
▶• 1 पंचवर्षीय योजना (1951-56) - कृषि की प्राथमिकता
▶• 2 पंचवर्षीय योजना (1956-61) - उद्योग क्षेत्र की प्राथमिकता
▶• 3 पंचवर्षीय योजना (1961-66) - स्व रिलायंस
▶• 4 पंचवर्षीय योजना (1969-74) - न्याय के साथ गरीबी, विकास का हटाया
▶• 5 वीं पंचवर्षीय योजना (1974-79) - गरीबी और आत्म निर्भरता का हटाया
▶• 6 पंचवर्षीय योजना (1980-85) - 5 वीं योजना के रूप में में वही जोर दिया
▶• 7 वीं पंचवर्षीय योजना (1985-90) - फूड प्रोडक्शन, रोजगार, उत्पादकता
▶• 8 वीं पंचवर्षीय योजना (1992-97) - रोजगार सृजन, जनसंख्या का नियंत्रण
▶• 9 वीं पंचवर्षीय योजना (1997-02) - 7 प्रतिशत की विकास दर
▶• 10 वीं पंचवर्षीय योजना (2002-07) -स्व रोजगार और संसाधनों और विकास
▶• 11 वीं पंचवर्षीय योजना (2007-12) -व्यापक और तेजी से विकास
▶• 12 वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) -स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छता {समग्र विकास} का सुधार
July 04, 2020

** मुद्रा एवं बैंकिंग से जुड़े अहम तथ्य **

** मुद्रा एवं बैंकिंग से जुड़े अहम तथ्य **
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1. भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक बैंक है
►-- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
2. 'इम्पीरियल बैंक' पहले का नाम है
►-- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का ।
3. पूर्ण रूप से पहला भारतीय बैंक है
►-- पंजाब नेशनल बैंक ।
4. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का राष्ट्रीयकरण हुआ
►-- 1 जनवरी, 1949 ई. में ।
5. भारत का केंद्रीय बैंक है
►-- रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI)
6. भारत में राष्ट्रीयकृत बैंकों की कुल संख्या है
►-- 19
7. एक्सिस बैंक लि. (UTI) का पंजीकृत कार्यालय है
►-- अहमदाबाद में ।
8. भारत में औद्योगिक वित्त की शिखर संस्था है
►-- भारतीय औद्योगिक विकास बैंक (IDBI)
9. बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDA) विधेयक पारित हुआ
►-- दिसंबर, 1999 ई. में ।
10. भारत में कुल मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज हैं
►-- 24
11. वह दर, जिस पर वाणिज्यिक बैंक RBI से अल्पकालीन ऋण प्राप्त करते हैं, कहलाता है
►-- रेपो दर ।
12. अल्पकालिक साख एवं दीर्घकालिन साख उपलब्ध कराने वाला संगठन है
►-- क्रमश: मुद्रा बाजार एवं पूंजी बाजार ।
13. भारत में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की सबसे अधिक शाखाएं हैं
►-- उत्तर प्रदेश में ।
14. बैंकों में ग्राहक सेवा सुधारने के लिए सुझाव देने वाली समिति है
►-- गोइपोरिया समिति ।
15. शेयर घोटाला की जांच के लिए गठित समिति थी
►-- जानकीरमन समिति ।
16. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) की स्थापना हुई
►-- अप्रैल, 1988 ई. में ।
17. 'BSE-200' शेयर मूल्य सूचकांक है
►-- मुंबई (भारत) का ।
18. HDFC बैंक तथा IDBI बैंक का मुख्यालय है
►-- क्रमश: मुंबई और इंदौर ।
19. ICICI बैंक तथा भारतीय रिजर्व बैंक का मुख्यालय स्थित है
►-- क्रमश: बड़ौदा तथा मुंबई में ।
20. 'भारतीय पर्यटन वित्त निगम' की स्थापना की गई थी
►-- 1989 ई. में ।
21. सहकारिता को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने वाला भारत का राज्य है
►-- आंध्र प्रदेश
22. भारत की सबसे बड़ी म्यूचल फंड संस्था है
►-- भारतीय यूनियन ट्रस्ट (UTI)
23. विनिवेश कमीशन (स्थापना-1996 ई.) के प्रथम अध्यक्ष थे
►-- जी वी रामकृष्णन ।
24. भारत में मनीऑर्डर प्रणाली की शुरुआत की गई 
►-- 1980 ई. में ।
25. भारतीय रुपयों का अब तक अवमूल्यन हो चुका है
►-- तीन बार (1949, 1966 एवं 1991 ई. में )
26. एक रुपए का नोट तथा सिक्के का निर्गमन करता है
►-- वित्त मंत्रालय (भारत सरकार )
27. करेंसी नोटों (5, 10, 20, 50, 100, 500 तथा 1000 रु.) का निर्गमन करता है
►-- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)
28. 20 रु., 100 रु., तथा 500 रु. के नोट छपते हैं
►-- बैंक नोट प्रेस देवास में ।
29. 10 रु., 50रु., 100 रु., 500 रु., तथा 1000 रु. के नोट छपते हैं
►-- करेंसी नोट प्रेस नासिक में ।
30. भारत में सिक्का उत्पादन होता है
►-- टकसाल में ।
31. 'नास्डैक' है
►-- अमेरिकी शेयर बाजार ।
32. भारत का पहला मोबाइल बैंक (लक्ष्मी वाहिनी बैंक) स्थित है
- खरगोन (मध्यप्रदेश) में ।
33. भारत में पहला तैरता हुआ ATM कोच्ची में खोला गया है
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा ।
34. राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज(NIFTI) की स्थापना की संस्तुति 1991 ई. में की थी
►-- 'फेरवानी समिति' ।
35. शेयर होल्डरों के स्टॉक पर हुई कमाई को कहते हैं
►-- लाभांश ।
36. 'बैंको का बैंक' कहा जाता है
►-- रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को ।
37. मुद्रा स्फीति में सबसे अधिक लाभ होता है
►-- लेनदान को ।
38. भारत में शेयर बाजार का मुख्य नियंत्रक है
►-- SEBI (सेबी)
39. भारतीय यूनियन ट्रस्ट (UTI) का 30 जुलाई 2007 से नाम बदलकर रखा गया है
►-- एक्सिस बैंक लिमिटेड ।
40. भारत सरकार ने सबसे पहले 14 बड़े व्यापारिका बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया
►-- 18 जुलाई 1969 ई. ।
41. सरकार ने पुन: 6 बड़े व्यापारिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया
►-- 15 अप्रैल 1980 ई. को ।
42. 'न्यू बैंक ऑफ इंडिया' का पंजाब नेशनल बैंक का विलय हुआ
►-- 4 सितंबर 1993 ई. को ।
43. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मुद्रा विनिमय दर निश्चित की जाती है
►-- मुद्रा आपूर्ति और मांग द्वारा ।
44. भारत में सबसे पहले पत्र-मु्द्रा का चलन हुआ था
►-- 1806 ई. में ।
45. भारत के सार्वजनिक ऋण प्रचालनों को संचालित करता है
►-- RBI
46. अर्थशास्त्र में निवेश का मतलब क्या है
►-- शेयरों की खरीदारी ।
47. ऐसा ऋण जो बट्टे पर दिया जाता है और सममूल्य पर प्रतिदेय हो, कहलाता है
►-- शून्य कूपन बॉण्ड ।
48. भारत में अपनी शाखा खोलने वाला पहला रूसी बैंक है
►-- इन्कम बैंक ऑफ रसिया ।
49. न्यूयार्क में स्थित सटॉक एक्सचेंज का नाम है
►-- वॉल स्ट्रीट ।
50. विश्व बैंक की आसान ऋण प्रदाता संस्था है
►-- इंटरनेशनल डेवलपमेंट एसोसिएशन ।
51. 10 रु. के नोट पर हस्ताक्षर होता है
►-- RBI के गवर्नर का

भारतीय बैंकिंग :-
(1) भारत में सबसे पहले किस बैंक की स्थापना की गई— बैंक ऑफ हिंदुस्तान
(2) बैंक ऑफ हिंदुस्तान की स्थापना कब की गई— 1770
(3) बैंक ऑफ बंगाल की स्थापना कब की गई— 1806
(4) बैंक ऑफ बांबे की स्थापना कब की गई— 1840
(5) बैंक ऑफ मद्रास की स्थापना कब की गई— 1843
(6) बैंक ऑफ मद्रास, बैंक ऑफ बांबे व बैंक ऑफ बंगाल को आपस में विलय करके किस बैंक की स्थापना की गई— इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया
(7) इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना कब की गई— 1921
(8) इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया का राष्ट्रीयकरण कब किया गया— 1955
(9) इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया को नया नाम क्या दिया गया— भारतीय स्टेट बैंक
(10) इलाहाबाद बैंक की स्थापना कब की गई— 1865
(11) भारतीयों द्वारा संचालित पहला बैंक कौन-सा था— अवध कॉमर्शियल बैंक
(12) अवध कॉमर्शियल बैंक की स्थापना कब की गई थी— 1881
(13) पूर्णरूपेण भारतीयों का पहला बैंक कौन-सा था— पंजाब नेशनल बैंक
(14) भारतीय रिजर्व बैंक ने कार्य करना कब शुरू किया— 1 अप्रैल, 1935
(15) भारतीय बैंकिंग अधिनियम पारित कब किया गया— 1949
(16) 6 बड़े व्यावसायिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण कब किया गया— 1980
(17) भारतीय रिजर्व बैंक की दूसरी अनुसूची में सम्मिलित बैंकों को क्या कहते हैं— अनुसूचित बैंक
(18) किस समिति की रिपोर्ट के आधार पर निजी क्षेत्र में बैंक स्थापित करने की अनुमति प्रदान कर दी गई—नरसिंहमन समिति
(19) देश का पहला तैरता ए. टी. एम. कहाँ स्थापित किया गया है— कोच्चि
(20) बैंकों के ग्राहकों की शिकायतों का निदान कराने के लिए बैंकिंग लोकपाल योजना कब लागू की गई— 14 जून, 1995
(21) भारतीय रिजर्व बैंक ने कब तक पाकिस्तान के लिए भी केंद्रीय बैंक के रूप में कार्य किया— 30 जून, 1948
(22) भारतीय रिजर्व बैंक में एक गवर्नर के अलावा कितने डिप्टी गवर्नर होते हैं— चार
(23) रिजर्व बैंक अधिकतम् किस मूल्यवर्ग तक के बैंक नोट जारी कर सकता है— 10,000 रूपए
(24) रिजर्व बैंक अधिकतम् किस मूल्यवर्ग तक के सिक्के जारी कर सकता है— 1,000 रुपए
(25) रिजर्व बैंक नोट मुद्रण (प्रा.) लि. की स्थापना कब की गई— 3 फरवरी, 1995
(26) उस दर को क्या कहते हैं जिस पर केंद्रीय बैंक प्रथम श्रेणी तथा अनुमोदित हुंडियों का जमानत के आधार पर देश में वाणिज्यिक बैंकों को ऋण प्रदान करता है— बैंक दर
(27) प्रत्येक अनूसूचित वणिज्यिक बैंकों को अपनी जमा का एक निश्चित अंश भारतीय रिजर्व बैंक के पास नकद रूप में रखना अनिवार्य होता है, उसे क्या कहते हैं— नकद आरक्षित अनुपात
(28) राष्ट्रीय साख परिषद की स्थापना कब की गई— 22 दिसबंबर, 1977
(29) भारतीय ऋण गारंटी निगम की स्थापना कब की गई— 1971
(30) भारतीय ऋण गांरटी निमग का नाम बदलकर जमाराशि बीमा एंव ऋंण गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) कब किया गया— 1978
(31) भारतीय रिजर्व बैंक ने बचत बैंक खातों पर ब्याज दरों का विनियमन कब समाप्त कर दिया— 25 अक्टूबर, 2011
(32) भारतीय स्टेट बैंक के सहयोगी बैंक वर्तमान में कितने हैं— पाँच
(33) भारतीय स्टेट बैंक के सहयोगी बैंक कौन-कौन से हैं— स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ इंदौर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला व स्टेट बैंक ऑफ मैसूर
(34) भारतीय स्टेट बैंक के किन सहयोगी बैंकों के उसमें विलय कर दिया गया है— स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र और स्टेट बैंक ऑफ इंदौर
(35) नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फड्स ट्रांसफर (एनईएफटी) देश में कब शुरु की गई— अक्टूबर, 2005
(36) भारतीय प्रतिभूति व्यापार निगम की स्थापना कब की गई— 1994
(37) भारत की पहली डिपॉजिटरी नेशनल सिक्यूरिटीज डिपॉजिटरी लि. (NSDL) की स्थापना कब की गई—8 नवंबर, 1996
(38) देश की दूसरी डिपॉजिटरी सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लि. (CDSL) की स्थापना कब की गई— फरवरी, 1998
(39) बांबे स्टॉक एक्सचेंज का पहले नाम क्या था— द नेटिव शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स एसोसिएशन
(40) बांबे स्टॉक एक्सचेंज द्वारा सूचकांक यानि सेंसेक्स कब शुरू किया गया— 1986-87
(41) बांबे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक कितने शेयरों के मूल्यों पर आधारित है— 30
(42) भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की स्थापना कब की गई— 12 अप्रैल, 1988
(43) सेबी को संवैधानिक संस्था का दर्जा कब प्रदान किया गया— 1992
(44) भारतीय मुद्रा रुपए के प्रतीक चिन्ह का अनुमोदन सरकार ने कब किया— 15 जुलाई, 2010
(45) डाक सामग्री, डाक टिकट, ज्यूडीशियल एवं नॉन-ज्यूडीशियल, स्टांप, भारतीय रिजर्व बैंक और भारतीय स्टेट बैंके के चेक, बॉण्ड, NSC, किसान विकास पत्र, पोस्टल आर्डर, पासपोर्ट, सुरक्षा दस्तावेज और प्रोमिसरी नोट कहाँ छापे जाते हैं— इंडिया सिक्यूरिटी प्रेस
(46) इंडिया सिक्यूरिटी प्रेस कहाँ स्थित है— नासिक रोड (महाराष्ट्र)
(47) 5, 10, 50, 100, 500 तथा 1,000 रूपए के बैंक नोट कहाँ छापे जाते हैं— करेंसी नोट प्रेस नासिक रोड
(48) सिक्यूरिटी पेपर मिल कहाँ स्थित है— होशंगाबाद (मध्य प्रदेश)
(49) सरकारी टकसालें किन शहरों में स्थित हैं— मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद तथा नोएडा