BB चौधरी,
अध्याय 1 - उद्देशिका
धारा 1 - संहिता का नाम और उसके प्रवर्तन का विस्तार -
नाम-भारतीय दण्ड संहिता कहलाएगा, विस्तार- सम्पूर्ण भारत
धारा 2 - भारत के भीतर किए गए अपराधों का दण्ड
धारा 3 - भारत से परे किए गए किन्तु उसके भीतर विधि के अनुसार विचारणीय अफराधों का दण्ड
धारा 4 - संहिता का विस्तार-
(i) भारत के बाहर और परे किसी स्थान में भारत के किसी नागरिक द्वारा ;
(ii) भारत में रजिस्ट्रीकॄत किसी पोत या विमान पर, चाहे वह कहीं भी हो किसी व्यक्ति द्वारा, किए गए किसी अपराध पर भी लागू है
धारा 5- इस अधिनियम में की कोई बात भारत सरकार की सेवा के ऑफिसरों, सैनिकों, नौसैनिकों या वायु सैनिकों द्वारा विद्रोह और अभित्यजन को दण्डित करने वाले किसी अधिनियम के उपबन्धों, या किसी विशेष या स्थानीय विधि के उपबन्धों, पर प्रभाव नहीं डालेगी ।
अध्याय 2, साधारण स्पष्टीकरण
धारा 6 संहिता में की परिभाषाओं का अपवादों के अध्यधीन समझा जाना
धारा 7 एक बार स्पष्टीकृत पद का भाव
धारा 8 लिंग
धारा 9 वचन
धारा 10 पुरूष, स्त्री
धारा 11 व्यक्ति
धारा 12 लोक
धारा 13 xxx
धारा 14 सरकार का सेवक
धारा 15 xxx
धारा 16 xxx
धारा 17 सरकार
धारा 18 भारत
धारा 19 न्यायाधीश
धारा 20 न्यायालय
धारा 21 लोक सेवक
धारा 22 जंगम सम्पत्ति
धारा 23 सदोष अभिलाभ
सदोष अभिलाभ
सदोष हानि
सदोष अभिलाभ प्राप्त करना/सदोष हानि उठाना
धारा 24 बेईमानी से
धारा 25 कपटपूर्वक
धारा 26 विश्वास करने का कारण
धारा 27 पत्नी, लिपिक या सेवक के कब्जे में सम्पत्ति
धारा 28 कूटकरण
धारा 29 दस्तावेज
धारा 29 क इलेक्ट्रानिक अभिलेख
धारा 30 मूल्यवान प्रतिभूति
धारा 31 विल (वसीयत)
धारा 32 कार्यों का निर्देश करने वाले शब्दों के अन्तर्गत अवैध लोप आता है
धारा 33 कार्य, लोप
धारा 34 सामान्य आशय को अग्रसर करने में कई व्यक्तियों द्वारा किये गये कार्य
धारा 35 जब कि ऐसा कार्य इस कारण अपराधित है कि वह अपराध्कि ज्ञान या आशय से किया गया है
धारा 36 अंशत: कार्य द्वारा और अंशत: लोप द्वारा कारित परिणाम
धारा 37 किसी अपराध को गठित करने वाले कई कार्यों में से किसी एक को करके सहयोग करना
धारा 38 अपराधिक कार्य में संपृक्त व्यक्ति विभिन्न अपराधों के दोषी हो सकेंगे
धारा 39 स्वेच्छया
धारा 40 अपराध
धारा 41 विशेष विधि
धारा 42 स्थानीय विधि
धारा 43 अवैध, करने के लिये वैध रूप से आबद्ध
धारा 44 क्षति
धारा 45 जीवन
धारा 46 मृत्यु
धारा 47 जीव जन्तु
धारा 48 जलयान
धारा 49 वर्ष, मास
धारा 50 धारा
धारा 51 शपथ
धारा 52 सद्भावनापूर्वक
धारा 52 क संश्रय
अध्याय 4, साधारण अपवाद
∆ ये कार्य अपराध नही होंगे
धारा 76 कानून पालन हेतु उच्च अधिकारी का उचित आदेश से कार्य।
धारा 77 न्यायधीश का कार्य।
धारा 78 कोर्ट के आर्डर से किया गया कार्य।
धारा 79 तथ्य की भूल से विधि आबद्ध मानकर किसी भी व्यक्ति का किया कार्य।
धारा 80 कानूनी लेकिन दुर्घटनावश होने वाला कार्य।
धारा 81 बड़ी हानि रोककर तुच्छ हानि करना।
धारा 82 में 0 से 7 तक के बच्चे का कार्य।
धारा 83 में 7 से 12 तक नासमझ बालक का कार्य।
धारा 84 में पागल का कार्य।
धारा 85 में इच्छाविरुद्ध नशा जो निर्णय न ले सके।
धारा 86 में नशे में है लेकिन निर्णय ले सके तो छूट नही।
धारा 87 में दुर्भावना रहित आपसी सहमति से किया कार्य।
धारा 88 में भलाई में नेकनीयत से सहमति से किया कार्य।
धारा 89 में कानूनी संगक्षक की सहमति से बच्चे, पागल के भलाई का कार्य।
धारा 90 में भय, भ्रम में दी गई सहमति मान्य नहीं।
धारा 91 में जो कार्य खुद अपराध हैं उनकी सहमति अमान्य।
धारा 92 में नेकनीयत व फायदे हेतु बिना सहमति का कार्य।
धारा 93 में सदभावना पूर्वक दी गई सूचना।
धारा 94 में धमकी देकर करवाया गया कार्य जिसमे मृत्यु और देशद्रोह के अपराध शामिल न हो अपराध नही।
धारा 95 में तुच्छ हानि अपराध नही।
धारा 96 में प्राइवेट प्रतिरक्षा में किया कार्य अपराध नही।
धारा 97 में जान और माल की रक्षा का अधिकार।
धारा 98 में बच्चे, पागल या भ्रम में आत्मरक्षा में किया कार्य अपराध नही।
धारा 99 में प्राइवेट प्रतिरक्षा का हक नहीं होगा
(1) लोकसेवक के विधिपूर्वक कार्य के विरुद्ध
(2) लोकसेवक के उचित आदेश से होने वाले कार्य के विरुद्ध।
धारा 100 में जीवनरक्षा में मृत्यु करने का अधिकार
(1) जान खतरे में हो
(2) गंभीर चोट का खतरा हो
(3) बलात्कार के खिलाफ
(4) अप्राकृतिक सेक्स
(5) अपहरण/व्यापहरण
(6) घेरकर हमले के खिलाफ सहायता न मिलने पर
(7) एसिड अटैक
धारा 101 में जान के बदले जान और थप्पड़ के बदले थप्पड़ तक का अधिकार ।
धारा 102 में संकट बने रहने तक मृत्यु का अधिकार होगा।
धारा 103 में सम्पति की रक्षा में मृत्यु तक अधिकार
(1) लूट
(2) रात्रि ग्रह भेदन
(3) किसी भी तरह के मानव आवास में आग, चोरी रिष्टि
(4) सम्पति के खतरे में जान का भी खतरा हो तब।
धारा 104 में 103 की बातें न हो तो मृत्यु से भिन्न अन्य अधिकार होंगे।
धारा 105 में जब तक संपत्ति को खतरा है अधिकार भी तब तक ही है।
धारा 106 में प्राणघातक हमले में आत्मरक्षा में निर्दोष के मरने पर भी कोई दोष नही।
अध्याय 5, दुष्प्रेरण के विषय में
धारा 107 किसी बात का दुष्प्रेरण
धारा 108 दुष्प्रेरक
धारा 108 क भारत से बाहर के अपराधों का भारत में दुष्प्रेरण
धारा 109 दुष्प्रेरण का दण्ड, यदि दुष्प्रेरित कार्य उसके परिणामस्वरूप किया जाए और जहां तक कि उसके दण्ड के लिये कोई अभिव्यक्त उपबंध नहीं है
धारा 110 दुष्प्रेरण का दण्ड, यदि दुष्प्रेरित व्यक्ति दुष्प्रेरक के आशय से भिन्न आशय से कार्य करता है
धारा 111 दुष्प्रेरक का दायित्व जब एक कार्य का दुष्प्रेरण किया गया है और उससे भिन्न कार्य किया गया है
धारा 112 दुष्प्रेरक कब दुष्प्रेरित कार्य के लिये और किये गये कार्य के लिए आकलित दण्ड से दण्डनीय है
धारा 113 दुष्प्रेरित कार्य से कारित उस प्रभाव के लिए दुष्प्रेरक का दायित्व जो दुष्प्रेरक दवारा आशयित से भिन्न हो
धारा 114 अपराध किए जाते समय दुष्प्रेरक की उपस्थिति
धारा 115 मृत्यु या आजीवन कारावास से दण्डनीय अपराध का दुष्प्रेरण यदि अपराध नहीं किया जाता यदि अपहानि करने वाला कार्य परिणामस्वरूप किया जाता है
धारा 116 कारावास से दण्डनीय अपराध का दुष्प्रेरण अदि अपराध न किया जाए यदि दुष्प्रेरक या दुष्प्रेरित व्यक्ति ऐसा लोक सेवक है, जिसका कर्तव्य अपराध निवारित करना हो
धारा 117 लोक साधारण दवारा या दस से अधिक व्यक्तियों दवारा अपराध किये जाने का दुष्प्रेरण
धारा 118 मृत्यु या आजीवन कारावास से दण्डनीय अपराध करने की परिकल्पना को छिपाना यदि अपराध कर दिया जाए - यदि अपराध नहीं किया जाए
धारा 119 किसी ऐसे अपराध के किए जाने की परिकल्पना का लोक सेवक दवारा छिपाया जाना, जिसका निवारण करना उसका कर्तव्य है
यदि अपराध कर दिया जाय
यदि अपराध मृत्यु, आदि से दण्डनीय है
यदि अपराध नहीं किया जाय
धारा 120 कारावास से दण्डनीय अपराध करने की परिकल्पना को छिपाना
यदि अपराध कर दिया जाए - यदि अपराध नहीं किया जाए
अध्याय 8, सार्वजनिक शान्ति के विरुद्ध अपराध
धारा 141 विधिविरुद्ध जनसमूह।
धारा 142 विधिविरुद्ध जनसमूह का सदस्य होना।
धारा 143 गैरकानूनी जनसमूह का सदस्य होने के नाते दंड
धारा 144 घातक आयुध से सज्जित होकर विधिविरुद्ध जनसमूह में सम्मिलित होना।
धारा 145 किसी विधिविरुद्ध जनसमूह, जिसे बिखर जाने का समादेश दिया गया है, में जानबूझकर शामिल होना या बने रहना।
धारा 146 उपद्रव करना
धारा 147 बल्वा करने के लिए दण्ड
धारा 148 घातक आयुध से सज्जित होकर उपद्रव करना।
धारा 149 विधिविरुद्ध जनसमूह का हर सदस्य, समान लक्ष्य का अभियोजन करने में किए गए अपराध का दोषी।
धारा 150 विधिविरुद्ध जनसमूह में सम्मिलित करने के लिए व्यक्तियों का भाड़े पर लेना या भाड़े पर लेने के लिए बढ़ावा देना।
धारा 151 पांच या अधिक व्यक्तियों के जनसमूह जिसे बिखर जाने का समादेश दिए जाने के पश्चात् जानबूझकर शामिल होना या बने रहना
धारा 152 लोक सेवक के उपद्रव / दंगे आदि को दबाने के प्रयास में हमला करना या बाधा डालना।
धारा 153 उपद्रव कराने के आशय से बेहूदगी से प्रकोपित करना
धारा 153 क धर्म, मूलवंश, भाषा, जन्म-स्थान, निवास-स्थान, इत्यादि के आधारों पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता का संप्रवर्तन और सौहार्द्र बने रहने पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले कार्य करना।
धारा 153 ख राष्ट्रीय अखण्डता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले लांछन, प्राख्यान
धारा 154 उस भूमि का स्वामी या अधिवासी, जिस पर गैरकानूनी जनसमूह एकत्रित हो
धारा 155 व्यक्ति जिसके फायदे के लिए उपद्रव किया गया हो का दायित्व
धारा 156 उस स्वामी या अधिवासी के अभिकर्ता का दायित्व, जिसके फायदे के लिए उपद्रव किया जाता है
धारा 157 विधिविरुद्ध जनसमूह के लिए भाड़े पर लाए गए व्यक्तियों को संश्रय देना।
धारा 158 विधिविरुद्ध जमाव या बल्वे में भाग लेने के लिए भाड़े पर जाना
धारा 159 दंगा
धारा 160 दंगा (उपद्रव) करने के लिए दण्ड।
अध्याय 10, लोकसेवकों के विधिपूर्ण प्राधिकार के विरुद्ध अवमानना
धारा 172 समनों की तामील या अन्य कार्यवाही से बचने के लिए फरार हो जाना
धारा 173 समन की तामील का या अन्य कार्यवाही का या उसके प्रकाशन का निवारण करना।
धारा 174 लोक सेवक का आदेश न मानकर गैर-हाजिर रहना
धारा 175 दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख पेश करने के लिए वैध रूप से आबद्ध व्यक्ति का लोक सेवक को 1 [दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] पेश करने का लोप
धारा 176 सूचना या इत्तिला देने के लिए कानूनी तौर पर आबद्ध व्यक्ति द्वारा लोक सेवक को सूचना या इत्तिला देने का लोप।
धारा 177 झूठी सूचना देना।
धारा 178 शपथ या प्रतिज्ञान से इंकार करना, जबकि लोक सेवक द्वारा वह वैसा करने के लिए सम्यक् रूप से अपेक्षित किया जाए
धारा 179 प्रश्न करने के लिए प्राधिकॄत लोक सेवक को उत्तर देने से इंकार करना।
धारा 180 कथन पर हस्ताक्षर करने से इंकार
धारा 181 शपथ दिलाने या अभिपुष्टि कराने के लिए प्राधिकॄत लोक सेवक के, या व्यक्ति के समक्ष शपथ या अभिपुष्टि पर झूठा बयान।
धारा 182 लोक सेवक को अपनी विधिपूर्ण शक्ति का उपयोग दूसरे व्यक्ति की क्षति करने के आशय से झूठी सूचना देना
धारा 183 लोक सेवक के विधिपूर्ण प्राधिकार द्वारा संपत्ति लिए जाने का प्रतिरोध
धारा 184 लोक सेवक के प्राधिकार द्वारा विक्रय के लिए प्रस्थापित की गई संपत्ति के विक्रय में बाधा डालना।
धारा 185 लोक सेवक के प्राधिकार द्वारा विक्रय के लिए प्रस्थापित की गई संपत्ति का अवैध क्रय या उसके लिए अवैध बोली लगाना।
धारा 186 लोक सेवक के लोक कॄत्यों के निर्वहन में बाधा डालना।
धारा 187 लोक सेवक की सहायता करने का लोप, जबकि सहायता देने के लिए विधि द्वारा आबद्ध हो
धारा 188 लोक सेवक द्वारा विधिवत रूप से प्रख्यापित आदेश की अवज्ञा।
धारा 190 लोक सेवक को क्षति करने की धमकी
धारा 191 लोक सेवक से संरक्षा के लिए आवेदन करने से रोकने हेतु किसी व्यक्ति को उत्प्रेरित करने के लिए क्षति की धमकी।
अध्याय 14, लोक स्वास्थ्य, सुरक्षा, सुविधा आदि से सम्बन्धित अपराध
धारा 268 लोक न्यूसेन्स
धारा 269 उपेक्षापूर्ण कार्य जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रम फैलना संभाव्य हो
धारा 270 परिद्वेषपूर्ण कार्य, जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रम फैलना संभाव्य हो
धारा 271 करन्तीन के नियम की अवज्ञा
धारा 272 विक्रय के लिए आशयित खाद्य या पेय वस्तु का अपमिश्रण।
धारा 273 अपायकर खाद्य या पेय का विक्रय
धारा 274 औषधियों का अपमिश्रण
धारा 275 अपमिश्रित ओषधियों का विक्रय
धारा 276 ओषधि का भिन्न औषधि या निर्मिति के तौर पर विक्रय
धारा 277 लोक जल-स्रोत या जलाशय का जल कलुषित करना
धारा 278 वायुमण्डल को स्वास्थ्य के लिए अपायकर बनाना
धारा 279 सार्वजनिक मार्ग पर उतावलेपन से वाहन चलाना या हांकना
धारा 280 जलयान का उतावलेपन से चलाना
धारा 281 भ्रामक प्रकाश, चिन्ह या बोये का प्रदर्शन
धारा 282 अक्षमकर या अति लदे हुए जलयान में भाड़े के लिए जलमार्ग से किसी व्यक्ति का प्रवहण
धारा 283 लोक मार्ग या पथ-प्रदर्शन मार्ग में संकट या बाधा कारित करना।
धारा 284 विषैले पदार्थ के संबंध में उपेक्षापूर्ण आचरण
धारा 285 अग्नि या ज्वलनशील पदार्थ के सम्बन्ध में उपेक्षापूर्ण आचरण।
धारा 286 विस्फोटक पदार्थ के बारे में उपेक्षापूर्ण आचरण
धारा 287 मशीनरी के सम्बन्ध में उपेक्षापूर्ण आचरण
धारा 288 किसी निर्माण को गिराने या उसकी मरम्मत करने के संबंध में उपेक्षापूर्ण आचरण
धारा 289 जीवजन्तु के संबंध में उपेक्षापूर्ण आचरण।
धारा 290 अन्यथा अनुपबन्धित मामलों में लोक बाधा के लिए दण्ड।
धारा 291 न्यूसेन्स बन्द करने के व्यादेश के पश्चात् उसका चालू रखना
धारा 292 अश्लील पुस्तकों आदि का विक्रय आदि।
धारा 292 क ब्लैकमेल करने के उद्देश्य से अश्लील सामग्री प्रिन्ट करना
धारा 293 तरुण व्यक्ति को अश्लील वस्तुओ का विक्रय आदि
धारा 294 अश्लील कार्य और गाने
धारा 294 क लाटरी कार्यालय रखना
अध्याय 16, मानव शरीर को प्रभावित करने वाले अपराध
धारा 299 आपराधिक मानव वध
धारा 300 हत्या
धारा 301 जिस व्यक्ति की मॄत्यु कारित करने का आशय था उससे भिन्न व्यक्ति की मॄत्यु करके आपराधिक मानव वध करना।
धारा 302 हत्या के लिए दण्ड
धारा 303 आजीवन कारावास से दण्डित व्यक्ति द्वारा हत्या के लिए दण्ड।
धारा 304 हत्या की श्रेणी में न आने वाली गैर इरादतन हत्या के लिए दण्ड
धारा 304 क उपेक्षा द्वारा मॄत्यु कारित करना
धारा 304 ख दहेज मॄत्यु
धारा 305 शिशु या उन्मत्त व्यक्ति की आत्महत्या का दुष्प्रेरण।
धारा 306 आत्महत्या का दुष्प्रेरण
धारा 307 हत्या करने का प्रयत्न
धारा 308 गैर इरादतन हत्या करने का प्रयास
धारा 309 आत्महत्या करने का प्रयत्न।
धारा 310 ठग।
धारा 311 ठगी के लिए दण्ड।
धारा 312 गर्भपात कारित करना।
धारा 313 स्त्री की सहमति के बिना गर्भपात कारित करना।
धारा 314 गर्भपात कारित करने के आशय से किए गए कार्यों द्वारा कारित मॄत्यु।
धारा 315 शिशु का जीवित पैदा होना रोकने या जन्म के पश्चात् उसकी मॄत्यु कारित करने के आशय से किया गया कार्य।
धारा 316 ऐसे कार्य द्वारा जो गैर-इरादतन हत्या की कोटि में आता है, किसी सजीव अजात शिशु की मॄत्यु कारित करना।
धारा 317 शिशु के पिता या माता या उसकी देखरेख रखने वाले व्यक्ति द्वारा बारह वर्ष से कम आयु के शिशु का परित्याग और अरक्षित डाल दिया जाना।
धारा 318 मॄत शरीर के गुप्त व्ययन द्वारा जन्म छिपाना
धारा 319 क्षति पहुँचाना।
धारा 320 घोर आघात।
धारा 321 स्वेच्छया उपहति कारित करना
धारा 322 स्वेच्छया घोर उपहति कारित करना
BB चौधरी, [01.05.20 14:36]
धारा 323 जानबूझ कर स्वेच्छा से किसी को चोट पहुँचाने के लिए दण्ड
धारा 324 खतरनाक आयुधों या साधनों द्वारा स्वेच्छया उपहति कारित करना
धारा 325 स्वेच्छापूर्वक किसी को गंभीर चोट पहुचाने के लिए दण्ड
धारा 326 खतरनाक आयुधों या साधनों द्वारा स्वेच्छापूर्वक घोर उपहति कारित करना।
धारा 326 क एसिड हमले
धारा 326 ख एसिड हमला करने का प्रयास
धारा 327 संपत्ति या मूल्यवान प्रतिभूति की जबरन वसूली करने के लिए या अवैध कार्य कराने को मजबूर करने के लिए स्वेच्छापूर्वक चोट पहुँचाना।
धारा 328 अपराध करने के आशय से विष इत्यादि द्वारा क्षति कारित करना।
धारा 329 सम्पत्ति उद्दापित करने के लिए या अवैध कार्य कराने को मजबूर करने के लिए स्वेच्छया घोर उपहति कारित करना
धारा 320 संस्वीकॄति जबरन वसूली करने या विवश करके संपत्ति का प्रत्यावर्तन कराने के लिए स्वेच्छया क्षति कारित करना।
धारा 331 संस्वीकॄति उद्दापित करने के लिए या विवश करके सम्पत्ति का प्रत्यावर्तन कराने के लिए स्वेच्छया घोर उपहति कारित करना
धारा 332 लोक सेवक अपने कर्तव्य से भयोपरत करने के लिए स्वेच्छा से चोट पहुँचाना
धारा 333 लोक सेवक को अपने कर्तव्यों से भयोपरत करने के लिए स्वेच्छया घोर क्षति कारित करना।
धारा 334 प्रकोपन पर स्वेच्छया क्षति करना
धारा 335 प्रकोपन पर स्वेच्छया घोर उपहति कारित करना
धारा 336 दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को ख़तरा पहुँचाने वाला कार्य।
धारा 337 किसी कार्य द्वारा, जिससे मानव जीवन या किसी की व्यक्तिगत सुरक्षा को ख़तरा हो, चोट पहुँचाना कारित करना
धारा 338 किसी कार्य द्वारा, जिससे मानव जीवन या किसी की व्यक्तिगत सुरक्षा को ख़तरा हो, गंभीर चोट पहुँचाना कारित करना
धारा 339 सदोष अवरोध।
धारा 340 सदोष परिरोध या गलत तरीके से प्रतिबंधित करना।
धारा 341 सदोष अवरोध के लिए दण्ड
धारा 342 ग़लत तरीके से प्रतिबंधित करने के लिए दण्ड।
धारा 343 तीन या अधिक दिनों के लिए सदोष परिरोध।
धारा 344 दस या अधिक दिनों के लिए सदोष परिरोध।
धारा 345 ऐसे व्यक्ति का सदोष परिरोध जिसके छोड़ने के लिए रिट निकल चुका है
धारा 346 गुप्त स्थान में सदोष परिरोध।
धारा 347 सम्पत्ति की जबरन वसूली करने के लिए या अवैध कार्य करने के लिए मजबूर करने के लिए सदोष परिरोध।
धारा 348 संस्वीकॄति उद्दापित करने के लिए या विवश करके सम्पत्ति का प्रत्यावर्तन करने के लिए सदोष परिरोध
धारा 349 बल।
धारा 350 आपराधिक बल
धारा 351 हमला।
धारा 352 गम्भीर प्रकोपन के बिना हमला करने या आपराधिक बल का प्रयोग करने के लिए दण्ड
धारा 353 लोक सेवक को अपने कर्तव्य के निर्वहन से भयोपरत करने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग
धारा 354 स्त्री की लज्जा भंग करने के आशय से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग
धारा 354 क यौन उत्पीड़न
धारा 354 ख एक औरत नंगा करने के इरादे के साथ कार्य
धारा 354 ग छिप कर देखना
धारा 354 घ पीछा
धारा 355 गम्भीर प्रकोपन होने से अन्यथा किसी व्यक्ति का अनादर करने के आशय से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग
धारा 356 हमला या आपराधिक बल प्रयोग द्वारा किसी व्यक्ति द्वारा ले जाई जाने वाली संपत्ति की चोरी का प्रयास।
धारा 357 किसी व्यक्ति का सदोष परिरोध करन
े के प्रयत्नों में हमला या आपराधिक बल का प्रयोग।
धारा 358 गम्भीर प्रकोपन मिलने पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग
धारा 359 व्यपहरण
धारा 360 भारत में से व्यपहरण।
धारा 361 विधिपूर्ण संरक्षकता में से व्यपहरण
धारा 362 अपहरण।
धारा 363 व्यपहरण के लिए दण्ड
धारा 363 क भीख मांगने के प्रयोजनों के लिए अप्राप्तवय का व्यपहरण का विकलांगीकरण
धारा 364 हत्या करने के लिए व्यपहरण या अपहरण करना।
धारा 364 क फिरौती, आदि के लिए व्यपहरण।
धारा 365 किसी व्यक्ति का गुप्त और अनुचित रूप से सीमित / क़ैद करने के आशय से व्यपहरण या अपहरण।
धारा 366 विवाह आदि के करने को विवश करने के लिए किसी स्त्री को व्यपहृत करना, अपहृत करना या उत्प्रेरित करना।
धारा 366 क अप्राप्तवय लड़की का उपापन
धारा 366 ख विदेश से लड़की का आयात करना
धारा 367 व्यक्ति को घोर उपहति, दासत्व, आदि का विषय बनाने के उद्देश्य से व्यपहरण या अपहरण।
धारा 368 व्यपहृत या अपहृत व्यक्ति को गलत तरीके से छिपाना या क़ैद करना।
धारा 369 दस वर्ष से कम आयु के शिशु के शरीर पर से चोरी करने के आशय से उसका व्यपहरण या अपहरण
धारा 370 मानव तस्करी दास के रूप में किसी व्यक्ति को खरीदना या बेचना।
धारा 371 दासों का आभ्यासिक व्यवहार करना।
धारा 372 वेश्यावॄत्ति आदि के प्रयोजन के लिए नाबालिग को बेचना।
धारा 373 वेश्यावॄत्ति आदि के प्रयोजन के लिए नाबालिग को खरीदना।
धारा 374 विधिविरुद्ध बलपूर्वक श्रम।
धारा 375 बलात्संग
धारा 376 बलात्कार के लिए दण्ड
धारा 376 क पॄथक् कर दिए जाने के दौरान किसी पुरुष द्वारा अपनी पत्नी के साथ संभोग्र
धारा 376 ख लोक सेवक द्वारा अपनी अभिरक्षा में की किसी स्त्री के साथ संभोग
धारा 376 ग जेल, प्रतिप्रेषण गॄह आदि के अधीक्षक द्वारा संभोग
धारा 376 घ अस्पताल के प्रबन्ध या कर्मचारिवॄन्द आदि के किसी सदस्य द्वारा उस अस्पताल में किसी स्त्री के साथ संभोग
धारा 377 प्रकॄति विरुद्ध अपराध
अध्याय 17, सम्पत्ति के विरुद्ध अपराध
धारा 378 चोरी
धारा 379 चोरी के लिए दंड
धारा 380 निवास-गॄह आदि में चोरी
धारा 381 लिपिक या सेवक द्वारा स्वामी के कब्जे में संपत्ति की चोरी।
धारा 382 चोरी करने के लिए मॄत्यु, क्षति या अवरोध कारित करने की तैयारी के पश्चात् चोरी करना।
धारा 383 उद्दापन / जबरन वसूली
धारा 384 ज़बरदस्ती वसूली करने के लिए दण्ड।
धारा 385 ज़बरदस्ती वसूली के लिए किसी व्यक्ति को क्षति के भय में डालना।
धारा 386 किसी व्यक्ति को मॄत्यु या गंभीर आघात के भय में डालकर ज़बरदस्ती वसूली करना।
धारा 387 ज़बरदस्ती वसूली करने के लिए किसी व्यक्ति को मॄत्यु या घोर आघात के भय में डालना।
धारा 388 मॄत्यु या आजीवन कारावास, आदि से दंडनीय अपराध का अभियोग लगाने की धमकी देकर उद्दापन
धारा 389 जबरन वसूली करने के लिए किसी व्यक्ति को अपराध का आरोप लगाने के भय में डालना।
धारा 390 लूट।
धारा 391 डकैती
धारा 392 लूट के लिए दण्ड
धारा 393 लूट करने का प्रयत्न।
धारा 394 लूट करने में स्वेच्छापूर्वक किसी को चोट पहुँचाना
धारा 395 डकैती के लिए दण्ड
धारा 396 हत्या सहित डकैती।
धारा 397 मॄत्यु या घोर आघात कारित करने के प्रयत्न के साथ लूट या डकैती।
धारा 398 घातक आयुध से सज्जित होकर लूट या डकैती करने का प्रयत्न।
धारा 399 डकैती करने के लिए तैयारी करना।
धारा 400 डाकुओं की टोली का होने के लिए दण्ड
धारा 401 चोरों के गिरोह का होने के लिए दण्ड।
धारा 402 डकैती करने के प्रयोजन से एकत्रित होना।
धारा 403 सम्पत्ति का बेईमानी से गबन / दुरुपयोग।
धारा 404 मॄत व्यक्ति की मॄत्यु के समय उसके कब्जे में सम्पत्ति का बेईमानी से गबन / दुरुपयोग।
धारा 405 आपराधिक विश्वासघात।
धारा 406 विश्वास का आपराधिक हनन
धारा 407 कार्यवाहक, आदि द्वारा आपराधिक विश्वासघात।
धारा 408 लिपिक या सेवक द्वारा विश्वास का आपराधिक हनन
धारा 409 लोक सेवक या बैंक कर्मचारी, व्यापारी या अभिकर्ता द्वारा विश्वास का आपराधिक हनन
धारा 410 चुराई हुई संपत्ति
धारा 411 चुराई हुई संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करना
धारा 412 ऐसी संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करना जो डकैती करने में चुराई गई है।
धारा 413 चुराई हुई संपत्ति का अभ्यासतः व्यापार करना।
धारा 414 चुराई हुई संपत्ति छिपाने में सहायता करना।
धारा 415 छल
धारा 416 प्रतिरूपण द्वारा छल
धारा 417 छल के लिए दण्ड।
धारा 418 इस ज्ञान के साथ छल करना कि उस व्यक्ति को सदोष हानि हो सकती है जिसका हित संरक्षित रखने के लिए अपराधी आबद्ध है
धारा 419 प्रतिरूपण द्वारा छल के लिए दण्ड।
धारा 420 छल करना और बेईमानी से बहुमूल्य वस्तु / संपत्ति देने के लिए प्रेरित करना
धारा 421 लेनदारों में वितरण निवारित करने के लिए संपत्ति का बेईमानी से या कपटपूर्वक अपसारण या छिपाना
धारा 422 त्रऐंण को लेनदारों के लिए उपलब्ध होने से बेईमानी से या कपटपूर्वक निवारित करना
धारा 423 अन्तरण के ऐसे विलेख का, जिसमें प्रतिफल के संबंध में मिथ्या कथन अन्तर्विष्ट है, बेईमानी से या कपटपूर्वक निष्पादन
धारा 424 सम्पत्ति का बेईमानी से या कपटपूर्वक अपसारण या छिपाया जाना
धारा 425 रिष्टि / कुचेष्टा।
धारा 426 रिष्टि के लिए दण्ड
धारा 427 कुचेष्टा जिससे पचास रुपए का नुकसान होता है
धारा 428 दस रुपए के मूल्य के जीवजन्तु को वध करने या उसे विकलांग करने द्वारा रिष्टि
धारा 429 किसी मूल्य के ढोर, आदि को या पचास रुपए के मूल्य के किसी जीवजन्तु का वध करने या उसे विकलांग करने आदि द्वारा कुचेष्टा।
धारा 430 सिंचन संकर्म को क्षति करने या जल को दोषपूर्वक मोड़ने द्वारा रिष्टि
धारा 431 लोक सड़क, पुल, नदी या जलसरणी को क्षति पहुंचाकर रिष्टि
धारा 432 लोक जल निकास में नुकसानप्रद जलप्लावन या बाधा कारित करने द्वारा रिष्टि
धारा 433 किसी दीपगॄह या समुद्री-चिह्न को नष्ट करके, हटाकर या कम उपयोगी बनाकर रिष्टि
धारा 434 लोक प्राधिकारी द्वारा लगाए गए भूमि चिह्न के नष्ट करने या हटाने आदि द्वारा रिष्टि
धारा 435 सौ रुपए का या (कॄषि उपज की दशा में) दस रुपए का नुकसान कारित करने के आशय से अग्नि या विस्फोटक पदार्थ द्वारा कुचेष्टा।
धारा 436 गॄह आदि को नष्ट करने के आशय से अग्नि या विस्फोटक पदार्थ द्वारा कुचेष्टा।
धारा 437 किसी तल्लायुक्त या बीस टन बोझ वाले जलयान को नष्ट करने या असुरक्षित बनाने के आशय से कुचेष्टा।
धारा 438 धारा 437 में वर्णित अग्नि या विस्फोटक पदार्थ द्वारा की गई कुचेष्टा के लिए दण्ड।
धारा 439 चोरी, आदि करने के आशय से जलयान
BB चौधरी, [01.05.20 14:36]
को साशय भूमि या किनारे पर चढ़ा देने के लिए दण्ड।
धारा 440 मॄत्यु या उपहति कारित करने की तैयारी के पश्चात् की गई रिष्टि
धारा 441 आपराधिक अतिचार।
धारा 442 गॄह-अतिचार
धारा 443 प्रच्छन्न गॄह-अतिचार
धारा 444 रात्रौ प्रच्छन्न गॄह-अतिचार
धारा 445 गॄह-भेदन।
धारा 446 रात्रौ गॄह-भेद
धारा 447 आपराधिक अतिचार के लिए दण्ड।
धारा 448 गॄह-अतिचार के लिए दण्ड।
धारा 449 मॄत्यु से दंडनीय अपराध को रोकने के लिए गॄह-अतिचार
धारा 450 अपजीवन कारावास से दंडनीय अपराध को करने के लिए गॄह-अतिचार
धारा 451 कारावास से दण्डनीय अपराध को करने के लिए गॄह-अतिचार।
धारा 452 बिना अनुमति घर में घुसना, चोट पहुंचाने के लिए हमले की तैयारी, हमला या गलत तरीके से दबाव बनाना
धारा 453 प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन के लिए दंड
धारा 454 कारावास से दण्डनीय अपराध करने के लिए छिप कर गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करना।
धारा 455 उपहति, हमले या सदोष अवरोध की तैयारी के पश्चात् प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन
धारा 456 रात में छिप कर गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन के लिए दण्ड।
धारा 457 कारावास से दण्डनीय अपराध करने के लिए रात में छिप कर गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करना।
धारा 458 क्षति, हमला या सदोष अवरोध की तैयारी के करके रात में गॄह-अतिचार।
धारा 459 प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करते समय घोर उपहति कारित हो
धारा 460 रात्रौ प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या रात्रौ गॄह-भेदन में संयुक्ततः सम्पॄक्त समस्त व्यक्ति दंडनीय हैं, जबकि उनमें से एक द्वारा मॄत्यु या घोर उपहति कारित हो
धारा 461 ऐसे पात्र को, जिसमें संपत्ति है, बेईमानी से तोड़कर खोलना
धारा 462 उसी अपराध के लिए दंड, जब कि वह ऐसे व्यक्ति द्वारा किया गया है जिसे अभिरक्षा न्यस्त की गई है।
अध्याय 18, दस्तावेज तथा सम्पत्ति-चिह्नों से सम्बन्धित अपराध
धारा 463 कूटरचना
धारा 464 मिथ्या दस्तावेज रचना
धारा 465 कूटरचना के लिए दण्ड।
धारा 466 न्यायालय के अभिलेख की या लोक रजिस्टर आदि की कूटरचना
धारा 467 मूल्यवान प्रतिभूति, वसीयत, इत्यादि की कूटरचना
धारा 468 छल के प्रयोजन से कूटरचना
धारा 469 ख्याति को अपहानि पहुंचाने के आशय से कूटरचन्न
धारा 470 कूटरचित २[दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेखट
धारा 471 कूटरचित दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख का असली के रूप में उपयोग में लाना
धारा 472 धारा 467 के अधीन दण्डनीय कूटरचना करने के आशय से कूटकॄत मुद्रा, आदि का बनाना या कब्जे में रखना
धारा 473 अन्यथा दण्डनीय कूटरचना करने के आशय से कूटकॄत मुद्रा, आदि का बनाना या कब्जे में रखना
धारा 474 धारा 466 या 467 में वर्णित दस्तावेज को, उसे कूटरचित जानते हुए और उसे असली के रूप में उपयोग में लाने का आशय रखते हुए, कब्जे में रखना
धारा 475 धारा 467 में वर्णित दस्तावेजों के अधिप्रमाणीकरण के लिए उपयोग में लाई जाने वाली अभिलक्षणा या चिह्न की कूटकॄति बनाना या कूटकॄत चिह्नयुक्त पदार्थ को कब्जे में रखना
धारा 476 धारा 467 में वर्णित दस्तावेजों से भिन्न दस्तावेजों के अधिप्रमाणीकरण के लिए उपयोग में लाई जाने वाली अभिलक्षणा या चिह्न की कूटकॄति बनाना या कूटकॄत चिह्नयुक्त पदार्थ को कब्जे में रखना
धारा 477 विल, दत्तकग्रहण प्राधिकार-पत्र या मूल्यवान प्रतिभूति को कपटपूर्वक रदद्, नष्ट, आदि करना
धारा 477 क लेखा का मिथ्याकरण
धारा 478 व्यापार चिह्न
धारा 479 सम्पत्ति-चिह्न
धारा 480 मिथ्या व्यापार चिह्न का प्रयोग किया जाना
धारा 481 मिथ्या सम्पत्ति-चिह्न को उपयोग में लाना
धारा 482 मिथ्या सम्पत्ति-चिह्न को उपयोग करने के लिए दण्ड।
धारा 483 अन्य व्यक्ति द्वारा उपयोग में लाए गए सम्पत्ति चिह्न का कूटकरण
धारा 484 लोक सेवक द्वारा उपयोग में लाए गए चिह्न का कूटकरण
धारा 485 सम्पत्ति-चिह्न के कूटकरण के लिए कोई उपकरण बनाना या उस पर कब्जा
धारा 486 कूटकॄत सम्पत्ति-चिह्न से चिन्हित माल का विक्रय
धारा 487 किसी ऐसे पात्र के ऊपर मिथ्या चिह्न बनाना जिसमें माल रखा है।
धारा 488 किसी ऐसे मिथ्या चिह्न को उपयोग में लाने के लिए दण्ड
धारा 489 क्षति कारित करने के आशय से सम्पत्ति-चिह्न को बिगाड़ना
धारा 489 क करेन्सी नोटों या बैंक नोटों का कूटकरण
धारा 489 ख कूटरचित या कूटकॄत करेंसी नोटों या बैंक नोटों को असली के रूप में उपयोग में लाना
धारा 489 ग कूटरचित या कूटकॄत करेन्सी नोटों या बैंक नोटों को कब्जे में रखना
धारा 489 घ करेन्सी नोटों या बैंक नोटों की कूटरचना या कूटकरण के लिए उपकरण या सामग्री बनाना या कब्जे में रखना
धारा 489 ङ करेन्सी नोटों या बैंक नोटों से सदृश्य रखने वाली दस्तावेजों की रचना या उपयोग
अध्याय 20 A, पति या पति के सम्बन्धियों द्वारा निर्दयता
धारा 498 क किसी स्त्री के पति या पति के नातेदार द्वारा उसके प्रति क्रूरता करना
अध्याय 23, अपराध करने के प्रयत्न
धारा 511 आजीवन कारावास या अन्य


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