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विविध परीक्षाओं से सम्बंधित पूछे जाने वाले प्रश्नों के समाधान

भीम बहादुर चौधरी

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Wednesday, April 13, 2022

April 13, 2022

जलियांवाला बाग हत्याकांड

चर्चा में क्यों? 

हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा वर्ष 1919 में जलियांवाला बाग हत्याकांड में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई।

  • प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका अद्वितीय साहस और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। 13 अप्रैल, 2022 को इस घटना के 103 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
  • इससे पहले गुजरात सरकार ने पाल-दाधवाव नरसंहार (Pal-Dadhvav Killings) के 100 साल पूरे होने पर इसे "जलियांवाला बाग से भी बड़ा" नरसंहार बताया था।
  • प्रमुख बिंदु 
  • जलियांवाला बाग हत्याकांड:
  • परिचय: 13 अप्रैल, 1919 को जलियांवाला बाग में आयोजित एक शांतिपूर्ण बैठक में शामिल लोगों पर ब्रिगेडियर जनरल रेगीनाल्ड डायर ने गोली चलाने का आदेश दिया था, जिसमें हज़ारों निहत्थे पुरुष, महिलाएँ और बच्चे मारे गए थे।
  • ये लोग रॉलेट एक्ट 1919 का शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे।
  • वर्ष 1940 में सरदार उधम सिंह ने जनरल डायर की हत्या कर दी थी।
  • रॉलेट एक्ट 1919:
  • प्रथम विश्व युद्ध (1914-18) के दौरान भारत की ब्रिटिश सरकार ने दमनकारी आपातकालीन शक्तियों की एक शृंखला बनाई जिसका उद्देश्य विध्वंसक गतिविधियों का मुकाबला करना था।
  • इस संदर्भ में सर सिडनी रॉलेट की अध्यक्षता वाली राजद्रोह समिति की सिफारिशों पर यह अधिनियम पारित किया गया था।
  • इस अधिनियम ने सरकार को राजनीतिक गतिविधियों को दबाने के लिये अधिकार प्रदान किये और दो साल तक बिना किसी मुकदमे के राजनीतिक कैदियों को हिरासत में रखने की अनुमति दी।
  • पृष्ठभूमि: महात्मा गांधी इस तरह के अन्यायपूर्ण कानूनों के खिलाफ अहिंसक सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू करना चाहते थे, जो 6 अप्रैल, 1919 को शुरू हुआ।
  • 9 अप्रैल, 1919 को पंजाब में दो राष्ट्रवादी नेताओं सैफुद्दीन किचलू और डॉ सत्यपाल को ब्रिटिश अधिकारियों ने बिना किसी वारेंट के गिरफ्तार कर लिया।
  • इससे भारतीय प्रदर्शनकारियों में आक्रोश पैदा हो गया जो 10 अप्रैल को हज़ारों की संख्या में अपने नेताओं के साथ एकजुटता दिखाने के लिये निकले थे।
  • भविष्य में इस प्रकार के किसी भी विरोध को रोकने हेतु सरकार ने मार्शल लॉ लागू किया और पंजाब में कानून-व्यवस्था ब्रिगेडियर-जनरल डायर को सौंप दी गई।
  • घटना का दिन: 13 अप्रैल, बैसाखी के दिन अमृतसर में निषेधाज्ञा से अनजान ज़्यादातर पड़ोसी गाँव के लोगों की एक बड़ी भीड़ जालियांवाला बाग में जमा हो गई।
  • ब्रिगेडियर- जनरल डायर अपने सैनिकों के साथ घटनास्थल पर पहुँचा।
  • सैनिकों ने जनरल डायर के आदेश के तहत सभा को घेर कर एकमात्र निकास द्वार को अवरुद्ध कर दिया और निहत्थे भीड़ पर गोलियाँ चला दीं, जिसमें 1000 से अधिक निहत्थे पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की मौत हो गई।
  • जलियांवाला बाग हत्याकांड की घटना का महत्त्व:
  • जलियांवाला बाग भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक महत्त्वपूर्ण स्थल बन गया और अब यह देश का एक महत्त्वपूर्ण स्मारक है।
  • जलियांवाला बाग त्रासदी उन कारणों में से एक थी जिसके कारण महात्मा गांधी ने अपना पहला, बड़े पैमाने पर और निरंतर अहिंसक विरोध (सत्याग्रह) अभियान, असहयोग आंदोलन (1920–22) का आयोजन शुरू किया।
  • इस घटना के विरोध में बांग्ला कवि और नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर ने वर्ष 1915 में प्राप्त नाइटहुड की उपाधि का त्याग कर दिया।
  • भारत की तत्कालीन सरकार ने घटना (हंटर आयोग) की जाँच का आदेश दिया, जिसने वर्ष 1920 में डायर के कार्यों के लिये निंदा की और उसे सेना से इस्तीफा देने का आदेश दिया।

Monday, May 25, 2020

May 25, 2020

हिंदी

हिंदी :-
प्रश्‍न 1- क्रिया विशेषण किसे कहते है।
उत्‍तर - जिन शब्दों से क्रिया की विशेषता का ज्ञान होता है, उसे क्रिया विशेषण कहते है।
जैसे – यहॉ , वहॉ , अब , तक आदि

प्रश्‍न 2- अव्यय किसे कहते है।
उत्‍तर - जिन शब्दों में लिंग , वचन , पुरूष , कारक आदि के कारण कोई परिवर्तन नहीं होता, उन्हें अव्यय कहते है।

प्रश्‍न 3- अव्यय के सामान्यत: कितने भेद है।
उत्‍तर - अव्यय के सामान्यत: 4 भेद है।
1. क्रिया विशेषण
2. संबंधबोधक
3. समुच्चोय बोधक
4. विस्मचयादि बोधक

प्रश्‍न 4- हिन्दी् में वचन कितने प्रकार के होते है।
उत्‍तर - हिन्दी् में वचन 2 प्रकार के होते है।
1. एक वचन
2. बहुवचन

प्रश्‍न 5- वर्ण किसे कहते है।
उत्‍तर - वह मूल ध्वनि जिसका और विभाजन नही हो सकता हो उसे वर्ण कहते है।
जैसे - म , प , र , य , क आदि

प्रश्‍न 6- वर्णमाला किसे कहते है।
उत्‍तर - वर्णों का क्रमबद्ध समूह ही वर्णमाला कहलाता है।

प्रश्‍न 7- शब्द किसे कहते है।
उत्‍तर - दो या दो से अधिक वर्णों का मेल जिनका कोई निश्चित अर्थ निकलता हो उन्हे शब्द कहते है।

प्रश्‍न 8- वाक्य किसे कहते है।
उत्‍तर - दो या दो से अधिक शब्दों का सार्थक समूह वाक्य कहलाता है।

प्रश्‍न 9- मूल स्वरों की संख्यां कितनी है।
उत्‍तर - मूल स्वरों की संख्यां 11 होती है।

प्रश्‍न 10- मूल व्यंजन की संख्यां कितनी होती है।
उत्‍तर - मूल व्यंजन की संख्यां 33 होती है।

प्रश्‍न 11- 'क्ष' ध्‍वनि किसके अर्न्‍तगत आती है।
उत्‍तर - संयुक्‍त्‍ा वर्ण ।

प्रश्‍न 12- 'त्र' किन वर्णों के मेल से बना है।
उत्‍तर - त् + र ।

प्रश्‍न 13- 'ट' वर्ण का उच्‍चारण स्‍थान क्‍या है।
उत्‍तर - मूर्धा ।

प्रश्‍न 14- 'फ' का उच्‍चारण स्‍थान है।
उत्‍तर - दन्‍तोष्‍ठय ।

प्रश्‍न 15- श् , ष् , स् , ह् व्‍यंजन कहलाते है।
उत्‍तर - ऊष्‍म व्‍यंजन ।

प्रश्‍न 16- य् , र् , ल् , व् व्‍यंजन को कहते है।
उत्‍तर - अन्‍तस्‍थ व्‍यंजन ।

प्रश्‍न 17- क् से म् तक के व्‍यंजनों को कहा जाता है।
उत्‍तर - स्‍पर्श व्‍यंजन ।

प्रश्‍न 18- घोष का अर्थ है।
उत्‍तर - नाद ।

प्रश्‍न 19- जिन ध्‍वनियों के उच्‍चारण में श्‍वास जिह्वा के दोनों ओर से निकल जाती है कहलाती है।
उत्‍तर - पार्श्विक ।

प्रश्‍न 20- 'आ' स्‍वर कहलाता है।
उत्‍तर - विवृत स्‍वर ।

प्रश्‍न 21- पश्‍च स्‍वर है।
उत्‍तर - इ , आ ।

प्रश्‍न 22- अग्र स्‍वर है।
उत्‍तर - ऐ ।

प्रश्‍न 23- 'श्र' व्‍यंजन किन दो व्‍यंजनों से मिलकर बना है।
उत्‍तर - श् + र ।

प्रश्‍न 24- 'ड' , 'ढ' का व्‍यंजन वर्ग है।
उत्‍तर - मूर्धन्‍य -उत्क्षिप्‍त ।

प्रश्‍न 25- ओम ध्‍वनि के उच्‍चारण में स्‍वर का कौन सा रूप प्रकट होता है।
उत्‍तर - प्‍लुत स्‍वर ।

प्रश्‍न 26- सघोष वर्णो का सही वर्ग है।
उत्‍तर - ड , ढ ।

प्रश्‍न 27- भ्राता का भाववाचक शब्‍द क्‍या होगा ।
उत्‍तर - भ्रातृत्‍व ।

प्रश्‍न 28- सीमा दौड़ती है। यहॉ दौड़ती है कैसी क्रिया है।
उत्‍तर - अर्कमक ।

प्रश्‍न 29- आशुतोष ने कहा कि मैं पढूँगा । इसमें 'कि मै पढूँगा' क्‍या है।
उत्‍तर - संज्ञा उपवाक्‍य ।

प्रश्‍न 30- सोना - चॉंदी और तेल - पानी किस प्रकार के संज्ञा शब्‍द है।
उत्‍तर - द्रव्‍यवाचक ।

प्रश्‍न 31- कृपाण का विलोम शब्‍द होगा ।
उत्‍तर - दानी ।

प्रश्‍न 32- अनुराग का विलोम शब्‍द होगा ।
उत्‍तर - विराग ।

प्रश्‍न 33- भोगी का विलोम शब्‍द होगा ।
उत्‍तर - योगी ।

प्रश्‍न 34- कीर्ति का विलोम शब्‍द होगा ।
उत्‍तर - अपकीर्ति ।

प्रश्‍न 35- स्‍थूल का विलोम शब्‍द होगा ।
उत्‍तर - सूक्ष्‍म ।

प्रश्‍न 36- शीर्ष का विलोम शब्‍द होगा ।
उत्‍तर - तल ।

प्रश्‍न 37- शोषक का विलोम शब्‍द होगा ।
उत्‍तर - शोषित ।

प्रश्‍न 38- मृदु का विलोम शब्‍द होगा ।
उत्‍तर - कटु ।

प्रश्‍न 39- कलुष का विलोम शब्‍द होगा ।
उत्‍तर - निष्‍कलुष ।

प्रश्‍न 40- निर्दय का विलोम शब्‍द होगा ।
उत्‍तर - सदय ।

प्रश्‍न 41- नीरोग में संधि है।
उत्‍तर - विसर्ग सन्धि ।

प्रश्‍न 42- निस्‍तेज में कौन सी संधि है।
उत्‍तर - विसर्ग संधि ।

प्रश्‍न 43- उज्‍जवल का संधि विच्‍छेद होगा ।
उत्‍तर - उत् + ज्‍वल ।

प्रश्‍न 44- बहिष्‍कार का सन्धि विच्‍छेद होगा ।
उत्‍तर - बहि: + कार ।

प्रश्‍न 45- चयन में कौन सी सन्धि है।
उत्‍तर - अयादि संधि ।

प्रश्‍न 46- अन्‍वय में कौन सी संधि है।
उत्‍तर - गुण संधि ।

प्रश्‍न 47- सच्चिदानंद का संधि विच्‍छेद होगा ।
उत्‍तर - सत् + चित् + आनंद ।

प्रश्‍न 48- उन्‍नति का संधि विच्‍छेद है।
उत्‍तर - उत् + नति ।

प्रश्‍न 49- निर्धन में कौन सी सन्धि है।
उत्‍तर - विसर्ग सन्धि ।

प्रश्‍न 50- सूर्य + उदय का संधयुक्‍त शब्‍द है।
उत्‍तर - सूर्योदय ।

प्रश्‍न 51- किस युग को आधुनिक हिन्दी कविता का सिंहद्वार कहा जाता है।
उत्‍तर - भारतेन्दु युग को ।
प्रश्‍न 52- द्विवेदी युग के प्रवर्तक कौन थे।
उत्‍तर - महावीर प्रसाद द्विवेदी ।

प्रश्‍न 53- हिन्दी का पहला सामाजिक उपन्यास कौन सा माना जाता है।
उत्‍तर - भाग्यवती ।

प्रश्‍न 54- सन् 1950 से पहले हिन्दी् कविता किस कविता के रूप में जानी जाती थी।
उत्‍तर - प्रयोगवादी ।

प्रश्‍न 55- ब्रज भाषा का सर्वोत्त‍म कवि है।
उत्‍तर - सूरदास ।

प्रश्‍न 56- आदिकाल के बाद हिन्दी में किस साहित्य का उदय हुआ ।
उत्‍तर - भक्ति साहित्य का ।

प्रश्‍न 57- निर्गुण भक्ति काव्य के प्रमुख कवि है।
उत्‍तर - कबीरदास ।

प्रश्‍न 58- किस काल को स्वर्णकाल कहा जाता है।
उत्‍तर - भक्ति काल को ।

प्रश्‍न 59- हिन्दी का आदि कवि किसे माना जाता है।
उत्‍तर - स्व्यंभू ।

प्रश्‍न 60- आधुनिक काल का समय कब से माना जाता है।
उत्‍तर - 1900 से अब तक ।

प्रश्‍न 61- जयशंकर प्रसाद की सर्वश्रेष्ठ रचना कौन सी है।
उत्‍तर - कामायनी ।

प्रश्‍न 62- बिहारी ने क्या लिखे है।
उत्‍तर - दोहे ।

प्रश्‍न 63- कबीर किसके शिष्य थे।
उत्‍तर - रामानन्द ।

प्रश्‍न 64- पद्यावत महाकाव्य कौन सी भाषा में लिखा है।
उत्‍तर - अवधी ।

प्रश्‍न 65- चप्पू किसे कहा जाता है।
उत्‍तर - गद्य और पद्य मिश्रित रचनाओं को ।

प्रश्‍न 66- कलाधर उपनाम से कविता कौन से कवि लिखते थे।
उत्‍तर - जयशंकर प्रसाद ।

प्रश्‍न 67- रस निधि किस कवि का उपनाम है।
उत्‍तर - पृथ्वी सिंह ।

प्रश्‍न 68- प्रेमचन्द्र के अधुरे उपन्यांस का नाम है।
उत्‍तर - मंगलसूत्र ।

प्रश्‍न 69- हिन्दी का सर्वाधिक नाटककार कौन है।
उत्‍तर - जयशंकर प्रसाद ।

प्रश्‍न 70- तुलसीकृत रामचरित मानस में कौन सी भाषा का प्रयोग किया गया है।
उत्‍तर - अवधी भाषा का प्रयोग किया गया है।

प्रश्‍न 71- एकांकी के जन्मदाता कौन है।
उत्‍तर - धर्मवीर भारती ।

प्रश्‍न 72- मीराबाई ने किस भाव से कृष्ण की उपासना की ।
उत्‍तर - माधुर्य भाव से ।

प्रश्‍न 73- रामचरित मानस का प्रधान रस है।
उत्‍तर - शान्त रस ।

प्रश्‍न 74- सबसे पहले अपनी आत्मकथा हिन्दी में किसने लिखी ।
उत्‍तर - डॉं. राजेन्द्र प्रसाद ने ।

प्रश्‍न 75- हिन्दी कविता का पहला महाकाव्य् कौन सा है।
उत्‍तर - पृथ्वीराज रासो ।

प्रश्‍न 76- हिन्दी के सर्वप्रथम प्रकाशित पत्र का नाम क्या है।
उत्‍तर - उदन्ड मार्तण्ड ।

प्रश्‍न 77- हिन्दी साहित्य की प्रथम कहानी है।
उत्‍तर - इन्दुमती ।

प्रश्‍न 78- आंचलिक रचनाऍं किससे सम्बन्धित होती है।
उत्‍तर - क्षेत्र विषेश से ।

प्रश्‍न 79- पृथ्वीराज रासो किस काल की रचना है ।
उत्‍तर - आदिकाल की ।

प्रश्‍न 80- हिन्दी गद्य का जन्म दाता किसको माना जाता है।
उत्‍तर - भारतेन्दु हरिचन्‍द्र जी को ।

प्रश्‍न 81- कवि कालिदास की ‘अभिज्ञान शाकुन्त‍लम्’ का हिन्दी अनुवाद किसने किया।
उत्‍तर - राजा लक्ष्मणसिंह ने ।

प्रश्‍न 82- पद्य साहित्य को कितने भागों में बॉंटा गया है।
उत्‍तर - पन्द्रह भागों में ।

प्रश्‍न 83- कवि नरेन्द्र शर्मा ने राष्ट्र पिता महात्मा गांधी के निधन से प्रभावित होकर कौन सी रचना की ।
उत्‍तर - रक्त चन्दन की रचना की ।

प्रश्‍न 84- नाट्यशास्त्रकारों द्वारा अमान्य रस कौन सा है।
उत्‍तर - वीभत्स रस ।

प्रश्‍न 85- काव्य शास्त्र का प्राचीनतम नाम क्या था।
उत्‍तर - अलंकार शास्त्र ।

प्रश्‍न 86- रीति सम्प्रदाय के संस्थापक कौन थे।
उत्‍तर - आचार्य वामन ।

प्रश्‍न 87- हिन्दी में काव्य शास्त्र के प्रथम आचार्य कौन है।
उत्‍तर - केशवदास ।

प्रश्‍न 88- साहित्य शब्द् किस शब्द से बना है।
उत्‍तर - सहित शब्द से बना है।

प्रश्‍न 89- हिन्दी साहित्य में जीवनी साहित्य का प्रारम्भ कौन से युग में हुआ ।
उत्‍तर - भारतेंदु युग में ।

प्रश्‍न 90- हिन्‍दी भाषा और सांहित्‍य के लेखक है।
उत्‍तर - श्‍यामसुंदरदास ।

प्रश्‍न 91- मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है । यह किसने कहा ।
उत्‍तर - अरस्तू ने ।

प्रश्‍न 92- भाषा किसे कहते है।
उत्‍तर - मनुष्य अपने मानसिक विचारों की अभिव्यक्ति के लिए जिस माध्यम का प्रयोग करता है। वह भाषा कहलाती है।

प्रश्‍न 93- भाषा शब्द की उत्पत्ति कहॉ से हुई है।
उत्‍तर - भाषा शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के भाष धातु से हुई है।

प्रश्‍न 94- सामान्य् शब्दों मे हम भाषा को किस तरह से व्यक्तु करेगे ।
उत्‍तर - भाषा वह साधन है । जिसके द्वारा मनुष्य अपने भावों या विचारों को बोलकर या लिखकर दूसरे मनुष्यो तक पहुँचाता है।

प्रश्‍न 95- भाषा को मोटे रूप में कितने भागों मे बांटा गया है।
उत्‍तर - भाषा को मोटे रूप में 2 भागों मे बांटा गया है।
1. लिखित भाषा
2. मौखिक भाषा

प्रश्‍न 96- हिन्दी भाषा का सम्बंन्ध किस लिपि से है।
उत्‍तर - देवनागरी लिपि से है।

प्रश्‍न 97- बोलने वालो की संख्या की दृष्टि से हिन्दी का विश्व मे कौन सा स्थान है।
उत्‍तर - तीसरा ।

प्रश्‍न 98- सूरदास के काव्य किस भाषा में है।
उत्‍तर - ब्रजभाषा में ।

प्रश्‍न 99- संविधान के किस अनुच्छे्द में कहा गया है – ‘’ संघ की राजभाषा हिन्दी् और लिपि देवनागरी होगी ‘’ ।
उत्‍तर - 343 वें अनुच्छेद में कहॉ गया ।

प्रश्‍न 100- हिन्दी शब्द‍ की व्युात्पात्ति कहॉ से हुई है।
उत्‍तर - सिंधु से ।

प्रश्‍न 101- वर्तमान हिन्दी का प्रचलित रूप कैसा है।
उत्‍तर - खडी बोली ।

प्रश्‍न 102- जिन ध्वनियों के संयोग से शब्दों का निर्माण होता है। उन्हें क्या कहते है।
उत्‍तर - वर्ण ।

प्रश्‍न 103- स्वरों की संख्या कितनी मानी गई है।
उत्‍तर - 11 ।

प्रश्‍न 104- हिन्दी मानक वर्ण माला में कुल कितने वर्ण है।
उत्‍तर - 52 ।

प्रश्‍न 105- अन्तस्थ व्यंजनों की संख्या कितनी है।
उत्‍तर - 4 ।

प्रश्‍न 106- हिन्दी वर्ण माला को कितने भागों में विभक्त किया गया है।
उत्‍तर - दो भागो में ।

प्रश्‍न 107- हिन्दो वर्ण माला में स्पर्श व्यंजनों की संख्या कितनी है।
उत्‍तर - 25 ।

प्रश्‍न 108- मात्रा के आधार पर हिन्दी स्वंरों के दो भेद कौन से है।
उत्‍तर - हस्वर और दीर्घ ।

प्रश्‍न 109- ‘ क्ष ‘ वर्ण किसके योग से बना है।
उत्‍तर - ‘’ क् + ष ‘’ से बना है।

प्रश्‍न 110- हिन्दी वर्ण माला में व्यंजनों की संख्या है।
उत्‍तर - 33 व्यंजन है।

प्रश्‍न 111- सूरदास का काव्‍य किस भाषा में है।
उत्‍तर - ब्रजभाषा में ।

प्रश्‍न 112- हिन्‍दी साहित्‍य सम्‍मेलन प्रयाग की स्‍थापना कब हुई ।
उत्‍तर - 1910 में ।

प्रश्‍न 113- संविधान की आठवीं अनुसूची में उल्‍लेखित भारतीय भाषाओं की संख्‍या है।
उत्‍तर - 22 ।

प्रश्‍न 114- हिन्‍दी की विशिष्‍ट बोली ब्रज भाषा किस रूप में सबसे अधिक प्रसिद्ध है।
उत्‍तर - काव्‍य भाषा ।

प्रश्‍न 115- देवनागरी लिपि किस लिपि का विकसित रूप है।
उत्‍तर - ब्राम्‍ही लिपि ।

प्रश्‍न 116- रामायण महाभारत आदि ग्रन्‍थ कौन सी भाषा में लिखे गये है।
उत्‍तर - आर्यभाषा में ।

प्रश्‍न 117- विद्यापति की प्रसिद्ध रचना पदावली किस भाषा में लिखी गई है।
उत्‍तर - मैथिली में ।

प्रश्‍न 118- भारत में हिन्‍दी का संवैधानिक स्‍वरूप है।
उत्‍तर - राजभाषा । ।

प्रश्‍न 119- जाटू किस बोली का उपनाम है।
उत्‍तर - बॉगरू ।

प्रश्‍न 120- ''एक मनई के दुई बेटवे रहिन'' यह अवतरण हिन्‍दी की किस बोली में है।
उत्‍तर - भोजपुरी से ।

प्रश्‍न 121- हिन्दी का पहला नाटक है।
उत्‍तर - नहुष ।
प्रश्‍न 122- कबीरदास की भाषा थी।
उत्‍तर - सधुक्कडी ।

प्रश्‍न 123- कलम का जादूगर किसे कहा जाता है।
उत्‍तर - रामवृक्ष बेनीपुरी को ।

प्रश्‍न 124- प्रगतिवाद उपयोगितावाद का दूसरा नाम है। यह कथन किसका है।
उत्‍तर - रामविलास शर्मा ।

प्रश्‍न 125- रामचरितमानस में कुल कितने काण्ड है।
उत्‍तर - सात ।

प्रश्‍न 126- हिन्दी साहित्य के इतिहास के रचयिता कौन है।
उत्‍तर - आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ।

प्रश्‍न 127- गीत गोविन्द किस भाषा में है।
उत्‍तर - संस्कृत भाषा में ।

प्रश्‍न 128- लोक नायक किसको कहा जाता है।
उत्‍तर - तुलसीदास जी को ।

प्रश्‍न 129- इन्दिरापति किसे कहा जाता है।
उत्‍तर - विष्णु को ।

प्रश्‍न 130- पंचतंत्र क्या है।
उत्‍तर - कहानी संग्रह

Thursday, May 21, 2020

May 21, 2020

*पर्यायवाची शब्द*

*पर्यायवाची शब्द*
जिन शब्दों के अर्थ में समानता होती है, उन्हें समानार्थक, समानार्थी या पर्यायवाची शब्द कहते हैं.

अग्नि – आग, अनल, पावक.
अपमान – अनादर, अवज्ञा, अवहेलना, तिरस्कार.
अलंकार – आभूषण, गहना, जेवर.
अहंकार – दंभ, अभिमान, दर्प, मद, घमंड.
अमृत – सुधा, अमिय, पीयूष, सोम.
असुर – दैत्य, दानव, राक्षस, निशाचर, रजनीचर, दनुज, रात्रिचर, तमचर.
अतिथि – मेहमान, अभ्यागत, आगन्तुक.
अनुपम – अपूर्व, अतुल्य, अनोखा, अद्भुत, अनन्य.
अर्थ – धन, द्रव्य, मुद्रा, दौलत, वित्त, पैसा.
अश्व – हय, तुरंग, घोड़ा, घोटक, बाजि, सैन्धव.
अंधकार – तम, तिमिर, अँधेरा, तमस, अंधियारा.

आम – रसाल, आम्र, सौरभ, अमृतफल.

आग – अग्नि, अनल, हुतासन, पावक, कृशानु, वहनि, शिखी, वह्नि.
आँख – लोचन, नयन, नेत्र, चक्षु, दृष्टि.
आकाश – नभ, गगन, अम्बर, व्योम, आसमान, अर्श.
आनंद – हर्ष, सुख, आमोद, मोद, प्रमोद, उल्लास.
आश्रम – कुटी, विहार, मठ, संघ, अखाड़ा.
आंसू – नेत्रजल, नयनजल, चक्षुजल, अश्रु.
आत्मा – जीव, चैतन्य, चेतनतत्तव, अंतःकरण.

इच्छा – अभिलाषा, चाह, कामना, लालसा, मनोरथ, आकांक्षा, अभीष्ट.
इन्द्र – सुरेश, सुरेन्द्र, देवेन्द्र, सुरपति, शक्र, पुरंदर, देवराज, महेन्द्र, शचीपति.
इन्द्राणि – इन्द्रवधू, मधवानी, शची, शतावरी, पोलोमी.

ईश्वर – परमात्मा, प्रभु, ईश, जगदीश, भगवान, परमेश्वर, जगदीश्वर, विधाता.

उपवन – बाग़, बगीचा, उद्यान, वाटिका, गुलशन.
उक्ति – कथन, वचन, सूक्ति.
उग्र – प्रचण्ड, उत्कट, तेज, तीव्र, विकट.
उचित – ठीक, मुनासिब, वाज़िब, समुचित, युक्तिसंगत, न्यायसंगत, तर्कसंगत.
उच्छृंखल – उद्दंड, अक्खड़, आवारा, निरकुंश, मनमर्जी, स्वेच्छाचारी.
उज्जड़ – अशिष्ट, असभ्य, गँवार, जंगली, देहाती, उद्दंड, निरकुंश.
उजला – उज्ज्वल, श्वेत, सफ़ेद, धवल.
उजाड़ – जंगल, बियावान, वन.
उजाला – प्रकाश, रोशनी, चाँदनी.
उत्कर्ष – समृद्धि, उन्नति, प्रगति, उठान.
उत्कृष्ट – उत्तम, उन्नत, श्रेष्ठ, अच्छा, बढ़िया, उम्दा.
उत्कोच – घूस, रिश्वत.
उत्पत्ति – उद्गम, पैदाइश, जन्म, उद्भव, सृष्टि, आविर्भाव, उदय.
उद्धार – मुक्ति, छुटकारा, निस्तार.
उपाय – युक्ति, साधन, तरकीब, तदबीर, यत्न, प्रयत्न.

ऊधम – उपद्रव, उत्पात, धूम, हुल्लड़, हुड़दंग, धमाचौकड़ी.

ऐक्य – एकत्व, एका, एकता, मेल.
ऐश्वर्य – समृद्धि, विभूति.

ओज – तेज, शक्ति, बल, वीर्य.
ओंठ- ओष्ठ, अधर, होंठ.

औचक – अचानक, यकायक, सहसा.
औरत – स्त्री, जोरू, घरनी, घरवाली.

ऋषि – मुनि, साधु, यति, संन्यासी, तत्वज्ञ, तपस्वी.

कच – बाल, केश, कुन्तल, चिकुर, अलक, रोम, शिरोरूह.
कमल- नलिन, अरविंद, उत्पल, राजीव, पद्म, पंकज, नीरज, सरोज, जलज, जलजात, शतदल, पुण्डरीक, इन्दीवर.
कबूतर – कपोत, रक्तलोचन, पारावत.
कामदेव – मदन, मनोज, अनंग, काम, रतिपति, पुष्पधन्वा, मन्मथ.
कण्ठ – ग्रीवा, गर्दन, गला.
कृपा – प्रसाद, करुणा, दया, अनुग्रह.
किताब – पोथी, ग्रन्थ, पुस्तक.
किनारा – तीर, कूल, कगार, तट.
कपड़ा – चीर, वसन, पट, वस्त्र, परिधान.
किरण – ज्योति, प्रभा, रश्मि, दीप्ति.
किसान – कृषक, भूमिपुत्र, हलधर, खेतिहर, अन्नदाता.
कृष्ण – राधापति, घनश्याम, वासुदेव, माधव, मोहन, केशव, गोविन्द, गिरधारी.
कान – कर्ण, श्रुति, श्रुतिपटल, श्रवण श्रोत, श्रुतिपुट.
कोयल – कोकिला, पिक, काकपाली, बसंतदूत, सारिका, कुहुकिनी, वनप्रिया.
क्रोध – रोष, कोप, अमर्ष, कोह, प्रतिघात.
कीर्ति – यश, प्रसिद्धि.

खग – पक्षी, विहग, नभचर, अण्डज, पखेरू.
खंभा – स्तूप, स्तम्भ, खंभ.
खल – दुर्जन, दुष्ट, घूर्त, कुटिल.
खून – रक्त, लहू, शोणित, रुधिर.

गज – हाथी, हस्ती, मतंग, कूम्भा, मदकल .
गाय – गौ, धेनु, भद्रा.
गंगा – देवनदी, मंदाकिनी, भगीरथी, विश्नुपगा, देवपगा, देवनदी, जाह्नवी, त्रिपथगा.
गणेश – विनायक, गजानन, गौरीनंदन, गणपति, गणनायक, शंकरसुवन, लम्बोदर, एकदन्त.
गृह – घर, सदन, भवन, धाम, निकेतन, निवास, आलय, आवास.
गर्मी – ताप, ग्रीष्म, ऊष्मा, गरमी.
गुरु – शिक्षक, आचार्य, उपाध्याय.

घट – घड़ा, कलश, कुम्भ, निप.
घर – आलय, आवास, गृह, निकेतन, निवास, भवन, वास, वास-स्थान, शाला, सदन.
घृत – घी, अमृत, नवनीत.
घास – तृण, दूर्वा, दूब, कुश.

चरण – पद, पग, पाँव, पैर, पाद.
चतुर – विज्ञ, निपुण, नागर, पटु, कुशल, दक्ष, प्रवीण, योग्य.
चंद्रमा – चाँद, चन्द्र, शशि, रजनीश, निशानाथ, सोम, कलानिधि.
चाँदनी – चन्द्रिका, कौमुदी, ज्योत्सना, चन्द्रमरीचि, उजियारी, चन्द्रप्रभा, जुन्हाई.
चाँदी – रजत, सौध, रूपा, रूपक, रौप्य, चन्द्रहास.
चोटी – मूर्धा, सानु, शृंग.

छतरी – छत्र, छाता.
छली – छलिया, कपटी, धोखेबाज.
छवि – शोभा, सौंदर्य, कान्ति, प्रभा.
छानबीन – जाँच, पूछताछ, खोज, अन्वेषण, शोध.
छैला – सजीला, बाँका, शौकीन.
छोर – नोक, कोर, किनारा, सिरा.

जल – सलिल, वारि, नीर, तोय, अम्बु, पानी, पय, पेय.
जगत – संसार, विश्व, जग, भव, दुनिया, लोक.
जीभ – रसज्ञा, जिह्वा, वाणी, वाचा, जबान.
जंगल – कानन, वन, अरण्य, गहन, कांतार, बीहड़, विटप.
जेवर – गहना, अलंकार, भूषण.
ज्योति – आभा, छवि, द्युति, दीप्ति, प्रभा.

झूठ – असत्य, मिथ्या.

तरुवर – वृक्ष, पेड़, द्रुम, तरु, पादप.
तलवार – असि, कृपाण, करवाल, चन्द्रहास.
तालाब – सरोवर, जलाशय, पुष्कर, पोखरा.
तीर – शर, बाण, अनी, सायक.

दास – सेवक, नौकर, चाकर, अनुचर, भृत्य.
दधि – दही, गोरस, मट्ठा.
दरिद्र – निर्धन, ग़रीब, रंक, कंगाल, दीन.
दिन – दिवस, याम, दिवा, वार.
दीन – ग़रीब, दरिद्र, रंक, अकिंचन, निर्धन, कंगाल.
दीपक – दीप, दीया, प्रदीप.
दुःख – पीड़ा,कष्ट, व्यथा, वेदना, संताप, शोक, खेद, पीर.
दूध – दुग्ध, क्षीर, पय, गौरस, स्तन्य.
दुष्ट – पापी, नीच, दुर्जन, अधम, खल, पामर.
दाँत – दन्त.
दर्पण – शीशा, आरसी, आईना.
दुर्गा – चंडिका, भवानी, कल्याणी, महागौरी, कालिका, शिवा, चण्डी, चामुण्डा.
देवता – सुर, देव.
देह – काया, तन, शरीर.

धन – दौलत, संपत्ति, सम्पदा, वित्त.
धरती – धरा, धरती, वसुधा, ज़मीन, पृथ्वी, भू, भूमि, धरणी, वसुंधरा, अचला, मही, रत्नगर्भा.
धनुष – चाप, शरासन, कमान, कोदंड, धनु.

नदी – सरिता, तटिनी, सरि, सारंग, तरंगिणी, दरिया, निर्झरिणी.
नया – नूतन, नव, नवीन, नव्य.
नाव – नौका, तरणी, तरी.

पवन – वायु, हवा, समीर, वात, मारुत, अनिल.
पहाड़ – पर्वत, गिरि, अचल, शैल, भूधर, महीधर.
पक्षी – खेचर, दविज, पतंग, पंछी, खग, चिड़िया, गगनचर, पखेरू, विहंग, नभचर.
पति – स्वामी, प्राणाधार, प्राणप्रिय, प्राणेश.
पत्नी – भार्या, वधू, वामा, अर्धांगिनी, सहधर्मिणी, गृहणी, बहु, वनिता, दारा, जोरू, वामांगिनी.
पुत्र – बेटा, आत्मज, सुत, वत्स, तनुज, तनय, नंदन.
पुत्री – बेटी, आत्मजा, तनूजा, सुता, तनया.
पुष्प – फूल, सुमन, कुसुम, मंजरी, प्रसून.

फूल – पुष्प, सुमन, कुसुम, गुल, प्रसून.

बादल – मेघ, घन, जलधर, जलद, वारिद, पयोधर.
बालू – रेत, बालुका, सैकत.
बन्दर – वानर, कपि, हरि.
बिजली – घनप्रिया, इन्द्र्वज्र, चंचला, सौदामनी, चपला, दामिनी, तड़ित, विद्युत.
बगीचा – बाग़, वाटिका, उपवन, उद्यान, फुलवारी, बगिया.
बाण – सर, तीर, सायक, विशिख.
बाल – कच, केश, चिकुर, चूल.
ब्रह्मा – विधाता, स्वयंभू, प्रजापति, पितामह, चतुरानन, विरंचि, अज.
बलदेव – बलराम, बलभद्र, हलायुध, रोहिणेय.
बहुत – अनेक, अतीव, अति, बहुल, प्रचुर, अपरिमित, प्रभूत, अपार, अमित, अत्यन्त, असंख्य.
ब्राह्मण – द्विज, भूदेव, विप्र, महीदेव, भूमिसुर, भूमिदेव.

भय – भीति, डर, विभीषिका.
भाई – तात, अनुज, अग्रज, भ्राता, भ्रातृ.
भूषण – जेवर, गहना, आभूषण, अलंकार.
भौंरा – मधुप, मधुकर, द्विरेप, अलि, षट्पद, भृंग, भ्रमर.

मनुष्य – आदमी, नर, मानव, मानुष, मनुज.
मदिरा – शराब, हाला, आसव, मद.
मोर – कलापी, नीलकंठ, नर्तकप्रिय.
मधु – शहद, रसा, शहद.
मृग – हिरण, सारंग, कृष्णसार.
मछली – मीन, मत्स्य, जलजीवन, शफरी, मकर.
माता – जननी, माँ, अंबा, जनयत्री, अम्मा.
मित्र – सखा, सहचर, साथी, दोस्त.

यम – सूर्यपुत्र, जीवितेश, कृतांत, अन्तक, दण्डधर, कीनाश, यमराज.
यमुना – कालिन्दी, सूर्यसुता, रवितनया, तरणि-तनूजा, तरणिजा, अर्कजा, भानुजा.
युवति – युवती, सुन्दरी, श्यामा, किशोरी, तरुणी, नवयौवना.

रमा – इन्दिरा, हरिप्रिया, श्री, लक्ष्मी, कमला, पद्मा, पद्मासना, समुद्रजा, श्रीभार्गवी, क्षीरोदतनया.
रात – रात्रि, रैन, रजनी, निशा, यामिनी, निशि, यामा, विभावरी.
राजा – नृप, नृपति, भूपति, नरपति, भूपाल, नरेश, महीपति, अवनीपति.
रात्रि – निशा, रैन, रात, यामिनी, शर्वरी, तमस्विनी, विभावरी.
रामचन्द्र – सीतापति, राघव, रघुपति, रघुवर, रघुनाथ, रघुराज, रघुवीर, जानकीवल्लभ, कौशल्यानन्दन.
रावण – दशानन, लंकेश, लंकापति, दशशीश, दशकंध.
राधिका – राधा, ब्रजरानी, हरिप्रिया, वृषभानुजा.

लड़का – बालक, शिशु, सुत, किशोर, कुमार.
लड़की – बालिका, कुमारी, सुता, किशोरी, बाला, कन्या.
लक्ष्मी – कमला, पद्मा, रमा, हरिप्रिया, श्री, इंदिरा, पद्मजा, सिन्धुसुता, कमलासना.
लक्ष्मण – लखन, शेषावतार, सौमित्र, रामानुज, शेष.
लौह – अयस, लोहा, सार.
लता – बल्लरी, बल्ली, बेली.

वायु – हवा, पवन, समीर, अनिल, वात, मारुत.
वसन – अम्बर, वस्त्र, परिधान, पट, चीर.
विधवा – अनाथा, पतिहीना.
विष – ज़हर, हलाहल, गरल, कालकूट.
वृक्ष – पेड़, पादप, विटप, तरू, गाछ, दरख्त, शाखी, विटप, द्रुम.
विष्णु – नारायण, चक्रपाणी.
विश्व – जगत, जग, भव, संसार, लोक, दुनिया.
विद्युत – चपला, चंचला, दामिनी, सौदामिनी, तड़ित, बीजुरी, घनवल्ली, क्षणप्रभा, करका.
बारिश – वर्षण, वृष्टि, वर्षा, पावस, बरसात.
वीर्य – जीवन, सार, तेज, शुक्र, बीज.
वज्र – कुलिस, पवि, अशनि, दभोलि.
विशाल – विराट, दीर्घ, वृहत, बड़ा, महान.
वृक्ष – गाछ, तरु, पेड़, द्रुम, पादप, विटप, शाखी.

शिव – भोलेनाथ, शम्भू, त्रिलोचन, महादेव, नीलकंठ, शंकर.
शरीर – देह, तनु, काया, कलेवर, अंग, गात.
शत्रु – रिपु, दुश्मन, अमित्र, वैरी, अरि, विपक्षी.
शिक्षक – गुरु, अध्यापक, आचार्य, उपाध्याय.
शेर – केहरि, केशरी, वनराज, सिंह.
शेषनाग – अहि, नाग, भुजंग, व्याल, उरग, पन्नग, फणीश, सारंग.
शुभ्र – गौर, श्वेत, अमल, वलक्ष, शुक्ल, अवदात.
शहद – पुष्परस, मधु, आसव, रस, मकरन्द.

षंड – हीजड़ा, नपुंसक, नामर्द.
षडानन – षटमुख, कार्तिकेय, षाण्मातुर.

सीता – वैदेही, जानकी, भूमिजा, जनकतनया, जनकनन्दिनी, रामप्रिया.
साँप – अहि, भुजंग, ब्याल, सर्प, नाग, विषधर, उरग, पवनासन.
सूर्य – रवि, सूरज, दिनकर, प्रभाकर, आदित्य, दिनेश, भास्कर, दिनकर, दिवाकर, भानु, आदित्य.
संसार – जग, विश्व, जगत, लोक, दुनिया.
सोना – स्वर्ण, कंचन, कनक, हेम, कुंदन.
सिंह – केसरी, शेर, मृगपति, वनराज, शार्दूल, नाहर, सारंग, मृगराज.
समुद्र – सागर, पयोधि, उदधि, पारावार, नदीश, जलधि, सिंधु, रत्नाकर, वारिधि.
सम – सर्व, समस्त, सम्पूर्ण, पूर्ण, समग्र, अखिल, निखिल.
समीप – सन्निकट, आसन्न, निकट, पास.
समूह – दल, झुंड, समुदाय, टोली, जत्था, मण्डली, वृंद, गण, पुंज, संघ, समुच्चय.
सभा – अधिवेशन, संगीति, परिषद, बैठक, महासभा.
सुन्दर – कलित, ललाम, मंजुल, रुचिर, चारु, रम्य, मनोहर, सुहावना, चित्ताकर्षक, रमणीक, कमनीय, उत्कृष्ट, उत्तम, सुरम्य.
सन्ध्या – सायंकाल, शाम, साँझ, प्रदोषकाल, गोधूलि.
स्त्री – सुन्दरी, कान्ता, कलत्र, वनिता, नारी, महिला, अबला, ललना, औरत, कामिनी, रमणी.
सुगंधि – सौरभ, सुरभि, महक, खुशबू.
स्वर्ग – सुरलोक, देवलोक, दिव्यधाम, ब्रह्मधाम, द्यौ, परमधाम, त्रिदिव, दयुलोक.
स्वर्ण – सुवर्ण, कंचन, हेन, हारक, जातरूप, सोना, तामरस, हिरण्य.
सरस्वती – गिरा, शारदा, भारती, वीणापाणि, विमला, वागीश, वागेश्वरी.
सहेली – आली, सखी, सहचरी, सजनी, सैरन्ध्री.
संसार – लोक, जग, जहान, जगत, विश्व.

हस्त – हाथ, कर, पाणि, बाहु, भुजा.
हिमालय – हिमगिरी, हिमाचल, गिरिराज, पर्वतराज, नगेश.
हिरण – सुरभी, कुरग, मृग, सारंग, हिरन.
होंठ – अक्षर, ओष्ठ, ओंठ.
हनुमान – पवनसुत, पवनकुमार, महावीर, रामदूत, मारुततनय, अंजनीपुत्र, आंजनेय, कपीश्वर, केशरीनंदन, बजरंगबली, मारुति.
हिमांशु – हिमकर, निशाकर, क्षपानाथ, चन्द्रमा, चन्द्र, निशिपति.
हंस – कलकंठ, मराल, सिपपक्ष, मानसौक.
हृदय – छाती, वक्ष, वक्षस्थल, हिय, उर.
हाथ – हस्त, कर, पाणि.
हाथी – हस्ती, कुंजर, कूम्भा, मतंग, वारण, गज, द्विप, करी, हिन्दी संग्रह

Sunday, May 17, 2020

May 17, 2020

हिंदी पर्यायवाची शब्द

हिंदी पर्यायवाची शब्द :
1. असुर – दनुज, निशाचर, राक्षस ,दैत्य ,दानव ,रजनीचर ,यातुधान
2. अमृत – पीयूष , सुधा ,अमिय ,सोम ,सुरभोग ,मधु
3. अर्जुन – धनंजय , पार्थ , भारत ,गांडीवधारी ,कौन्तेय ,गुडाकेश
4. अरण्य – जंगल ,वन ,कान्तार ,कानन ,विपिन
5. अंग – अंश ,भाग ,हिस्सा ,अवयव
6. आँख – नेत्र ,चक्षु ,लोचन ,दृग ,अक्षि ,विलोचन
7. आम्र – आम ,रसाल ,सहकार, अतिसौरभ ,पिकवल्लभ
8. आकाश – अम्बर ,गगन ,नभ , व्योम , शून्य ,अनन्त ,आसमान ,अन्तरिक्ष
9. अनी – सेना ,फौज ,चमू ,दल ,कटक
10. इच्छा – कामना ,चाह , आकांक्षा ,मनोरथ ,स्पृहा ,वांछा ,ईहा ,अभिलाषा
11. इन्द्र – सुरेश ,सुरेन्द्र ,सुरपति ,शचीपति ,देवेन्द्र ,देवेश ,वासव ,पुरन्दर
12. कमल – राजीव ,पुण्डरीक ,जलज ,पंकज ,सरोज ,सरोरुह ,नलिन ,तामरस ,कंज,अरविन्द, अम्बुज ,सरसिज
13. किरण – अंशु ,रश्मि ,कर ,मयूख , मरीचि ,प्रभा ,अर्चि
14. कपड़ा – वस्त्र ,पट ,चीर ,अम्बर ,वसन
15. कुबेर – धनद ,धनेश ,धनाधिप ,राजराज ,यक्षपति
16. कामदेव – मनसिज ,मनोज ,काम ,मन्मथ ,मार ,अनंग ,पुष्पधन्वा ,मदन ,कंदर्प , मकरध्वज ,रतिनाथ ,मीनकेतु
17. कृष्ण – गोविन्द ,गोपाल ,माधव ,कंसारि ,यशोदानन्दन ,देवकीपुत्र ,वासुदेव ,नन्दनन्दन , हरि ,श्याम ,मुरारि ,राधावल्लभ ,यदुराज ,कान्ह ,कन्हैया
18. कल्पवृक्ष – भंडार ,सुरतरु ,पारिजात ,कल्पद्रुम ,कल्पतरु
19. कोयल – पिक ,परभृत ,कोकिल ,वसंतदूती ,वसंतप्रिय
20. गणेश – लम्बोदर ,गजपति ,गणपति ,एकदन्त ,विनायक ,गजवदन ,मोदकप्रिय , मूषकवाहन ,भवानीनन्दन ,गौरीसुत , गजानन
21. गधा – गदहा ,गर्दभ ,वैशाखनन्दन,रासभ ,खर ,धूसर
22. गंगा – भागीरथी ,जाह्नवी ,मन्दाकिनी ,विष्णुपदी ,देवापगा ,देवनदी ,सुरसरिता ,सुरसरि
23. गर्व – अहं ,अहंकार ,दर्प ,दम्भ ,अभिमान ,घमण्ड
24. गाय – धेनु ,गौ ,सुरभि ,गैया ,दोग्धी ,पयस्विनी ,गऊ
25. चतुर – दक्ष ,पटु ,कुशल ,नागर ,विज्ञ ,निपुण
26. चन्द्रमा -चन्द्र ,राकापति ,राकेश ,मयंक ,सोम ,शशि ,इन्दु ,मृगांक ,हिमकर ,सुधाकर , कलानिधि ,निशाकर
27. चोर – दस्यु ,तस्कर ,रजनीचर ,साहसिक ,खनक ,मोषक ,कुम्भिल
28. जमुना – यमुना ,रविजा ,कालिन्दी ,अर्कजा ,सूर्यसुता ,रवितनया ,तरणि-तनूजा, कृष्णा
29. जीभ – जिह्वा , रसना ,रसिका ,रसला ,रसज्ञा ,जबान
30. झण्डा – ध्वजा ,पताका ,केतु ,केतन ,ध्वज
31. द्रव्य – धन, दौलत ,वित्त ,संपत्ति ,सम्पदा ,विभूति
32. द्रौपदी – कृष्णा ,द्रुपदसुता ,पांचाली ,याज्ञसेनी ,सैरन्ध्री
33. धनुष- धनु ,चाप ,कमान ,शरासन, पिनाक ,कोदण्ड
34. नदी – सरिता ,तटिनी ,आपगा ,निम्नगा ,तरंगिणी ,वाहिनी ,स्रोतस्विनी
35. नाव – नौका ,तरणि ,तरी ,नैया ,वहित्र ,डोंगी
36. पृथ्वी – भू,भूमि ,इला ,धरती ,धरित्री ,मेदिनी ,अचला ,वसुधा ,वसुन्धरा ,उर्वी
37. पत्र – पत्ता ,दल ,पल्लव ,पर्ण ,किसलय
38. पण्डित – प्राज्ञ ,कोविद ,मनीषी ,विद्वान ,सुधी ,विचक्षण
39. पुष्प – फूल ,कुसुम, सुमन ,प्रसून ,पुहुप ,फुल्ल
40. प्रकाश – प्रभा ,कान्ति ,ज्योति ,उजाला ,द्युति
41. बाण – शर , शिलीमुख ,नाराच, विशिख ,इषु ,तीर
42. ब्रह्मा – विधि ,विधाता ,स्वयंभू ,चतुरानन ,चतुर्मुख ,कमलासन ,पितामह ,हिरण्यगर्भा
43. बिजली – चपला ,चंचला ,सौदामिनी ,विद्युत ,दामिनी ,तड़ित ,क्षणप्रभा ,बीजुरी
44. बन्दर – कपि ,वानर ,शाखामृग ,मर्कट ,हरि
45. वृक्ष – तरु ,विटप,पादप ,पेड़ ,रुख ,द्रुम
46. मित्र -सखा ,मीत ,दोस्त ,सहचर ,सुहृद
47. महेश – शिव ,शंकर ,भूतनाथ ,चन्द्रशेखर ,चन्द्रमौलि ,भोले ,रूद्र ,त्रिलोचन ,त्रिनेत्र , आशुतोष ,पशुपति ,शम्भु
48. मछली – मत्स्य ,मीन ,शफरी ,झष ,जलजीवन
49. मनुष्य – मनुज ,आदमी ,इंसान ,मानव ,मनुपुत्र ,नर, व्यक्ति
50. मदिरा -शराब ,मद्य ,सुरा ,सोमरस ,मधु ,आसव ,वारुणी ,हाला
51. माला – हार ,मालिका ,दाम ,गुणिका ,सुमिरनी ,माल्य
52. मोती – मुक्ता , मौक्तिक ,शशिप्रभा ,सीपिज
53. मुक्ति – मोक्ष ,कैवल्य ,परमपद ,सदगति ,निर्वाण ,अपवर्ग
54. मयूर – मोर ,नीलकंठ ,शिखी ,शिवसुतवाहन ,कलापी ,केकी
55. यम – यमराज ,कृतांत ,रविसुत ,धर्मराज ,काल ,अंतक ,जीवितेश ,सूर्यपुत्र ,दण्डधर
56. रात्रि – रात ,यामिनी ,निशा ,विभावरी ,रजनी ,शर्वरी ,क्षणदा ,रैन
57. लक्ष्मी – रमा ,चंचला ,विष्णुप्रिया ,कमला ,पदमा ,कमलासना ,पदमासना ,इन्दिरा , हरिप्रिया
58. सम्पूर्ण – सब ,पूरा ,पूर्ण ,निखिल ,अखिल ,नि:शेष ,सकल
59. सागर – समुद्र ,रत्नाकर ,नदीश ,पयोधि ,वारिधि ,जलधि ,उदधि ,जलनिधि ,नीरनिधि, पारावार ,सिंधु
60. सर्प – नाग ,भुजग ,भुजंग ,पन्नग ,उरग ,व्याल ,विषधर ,अहि ,फणी ,फणधर
61. सोना – स्वर्ण ,कंचन ,कांचन ,कनक , हेम ,जातरूप ,सुवर्ण ,हाटक
62. समूह – समुदाय ,वृन्द ,गण ,संघ ,पुंज ,दल ,झुण्ड
63.सूर्यरवि ,अर्क ,भानु ,दिनेश ,दिवाकर ,भास्कर ,सविता ,आदित्य ,अंशुमाली , मार्तण्ड ,दिनकर
64.स
िंह हरि ,व्याघ्र ,शार्दूल ,केशरी ,कहेरी ,मृगेन्द्र ,मृगराज ,पंचमुख
65. सुन्दर – रुचिर ,चारू ,रम्य ,रमणीक ,मनभावन ,ललित ,आकर्षक ,मंजुल ,कलित , सुरम्य ,कमनीय ,सुहावना
66. सेविका – दासी ,नौकरानी ,परिचारिका ,भृत्या ,किंकरी ,अनुचरी
67. स्तन – पयोधर ,उरोज ,कुच ,वक्षोज
68. हिमालय – नगराज ,गिरीश ,गिरिवर ,पर्वतेश ,पर्वतराज ,हिमाद्रि ,हिमगिरी ,हिमवान
69. हाथी – हस्ती ,कुंजर ,नाग ,सिन्धुर ,दन्ती ,करि ,द्विरद , गयंद ,गज ,मातंग
70. हाथ – हस्त ,भुजा ,पाणि ,कर ,बाहु
71. हिरन – हरिण ,सारंग ,मृग ,कुरंग ,सुरभी
72. हवा – पवन ,वायु ,वात ,समीर ,प्रभंजन ,अनिल ,समीरण
73. हनुमान – पवनपुत्र ,पवनसुत ,कपीश ,बजरंगी ,महावीर ,आंजनेय ,मारुति ,पवनकुमार , रामदूत ,वज्रांगी ,जितेन्द्रिय
74. हंस – मराल ,चक्रांग ,कलहंस ,मानसीक
75. हितैषी – शुभेच्छु , हितकायी ,मंगलाकांक्षी ,शुभचिंतक ,हितचिन्तक
76. मुर्गा – कुक्कुट ,ताम्रचुड़ ,अरुणशिखा ,ताम्रशिख ,उपाकर
77. भ्रमर – अलि ,मधुकर ,भंवर ,भौंए ,षटपद ,भृंगी
78. धूल – रज ,माटी ,मिट्टी ,मृत्तिका ,रेणु ,धूलि
79. पत्थर – पाहन ,पाषण ,शिला ,प्रस्तर ,उपल ,अश्म
80. तारा – नक्षत्र ,सितारा ,उडु ,तारक
81. तलवार – असि ,कृपाण ,करवाल ,चन्द्रहास ,खड्ग
82. दांत – दन्त ,रद ,द्विज ,मुखनुर
83. बाल – केश ,कच ,कुंतल ,चिकुर ,जटा ,शिरोरुह
84. कली – मुकुल ,कलिका ,कोरक ,जालक
85. बहुत – प्रभूत ,प्रचुर ,अपरिमित ,अमित ,अपार ,विपुल
86. राधा – कृष्ण बल्लभ ,कृष्णप्रिया ,हरिप्रिया ,राधिका ,वृषभानुसुता ,वृषभानुदुलारी , वृषभानुजा ,बृजरानी
87. वर्षा – बारिश, बरसात ,पावस ,वृष्टि ,वर्षण
88. विवाह – ब्याह ,शादी ,पाणिग्रहण ,परिणय
89. सहेली – सखी ,आली ,अलि ,भटू ,सहचरी ,संगिनी ,सहचारिणी
90. साधु – साधू ,संत ,वैरागी ,संन्यासी ,महात्मा
91. पुत्र – सुत, बेटा ,तनय ,आत्मज ,तनुज ,नन्दन ,अपत्य
92. पुत्री – सुता ,बेटी ,तनया ,आत्मजा ,तनुजा ,नन्दिनी ,दुहिता
93. धन – श्री ,सम्पत्ति ,सम्पदा ,लक्ष्मी ,वित्त ,अर्थ
94. बादल – पयोद ,जलज ,अम्बुद ,मेघ ,वारिद ,जलधर ,नीरद ,पयोधर ,वारिधर
95. ब्राह्मण – द्विज ,भूसुर ,भूदेव ,विप्र ,पण्डित
96. विष्णु – हरि ,श्रीपति ,लक्ष्मीपति ,चतुर्भुज ,रमापति ,रमेश ,चक्रपाणि ,जनार्दन ,मुकुन्द, नारायण ,माधव ,केशव,अच्युत
97. अग्नि – आग ,अनल,पावक ,हुताशन,कृशानु ,दहन ,वह्नि ,ज्वाला ,कपिल,शिखि ,धुमध्व्ज
98. अतिथि – अभ्यागत ,पाहुन ,आगन्तुक ,मेहमान
99. अश्व – घोड़ा ,हय ,बाजि ,घोटक ,तुरंग ,सैन्धव